
रेवाड़ी: सृष्टि अरोड़ा ने बताया कि उन्होंने 2023 तक कभी पिस्टल नहीं पकड़ी थी, लेकिन जब इसे थामा तो नौकरी तक छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने पहली बार जिलास्तर पर स्वर्ण पदक जीता था। सृष्टि के पिता शैलेश अरोड़ा रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उन्होंने रेवाड़ी शूटिंग एकेडमी में खालेटा निवासी अंतरराष्ट्रीय कोच विजय कुमार से प्रशिक्षण ले रही है। भारत की पैरा शूटर सृष्टि अरोड़ा ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच-1 स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया। मंगलवार को आयोजित फाइनल में सृष्टि ने 214.7 अंक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस प्रतियोगिता में उनका यह पदार्पण यादगार रहा
सृष्टि ने बताया कि उन्होंने 2023 तक कभी पिस्टल नहीं पकड़ी थी, लेकिन जब इसे थामा तो नौकरी तक छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने पहली बार जिलास्तर पर स्वर्ण पदक जीता था। सृष्टि के पिता शैलेश अरोड़ा रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उनकी मां किरण अरोड़ा गृहिणी हैं। परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के दम पर सृष्टि विश्वस्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
जानिए कैसे शुरू हुआ था कैरियर: मूल रूप से राजस्थान की अजमेर निवासी सृष्टि ने बताया कि मथुरा-वृंदावन यात्रा के दौरान मथुरा के एक होटल की पार्किंग में मेरी मुलाकात सुरेश गुर्जर से हुई, जो स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के सचिव हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने शूटिंग में कॅरिअर बनाने का सुझाव दिया और यही मुलाकात मेरी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट बन गई। सृष्टि ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से कोच विजय कुमार के मार्गदर्शन में निशानेबाजी का प्रशिक्षण ले रही हैं।
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सृष्टि का जन्म से दाएं हाथ से दिव्यांग हैं। इसके बाद भी उन्होंने अपने हौसलों से हर कमी को पीछे छोड़ दिया। उल्टे हाथ से लिखना सीखा, एक हाथ को दो के बराबर मजबूत बनाया और शूटिंग में ऐसा मुकाम हासिल किया कि आज वह देश का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन कर रही हैं
28 पदक जीत चुकी हैं सृष्टि
एशियाई पैरा खेलों में आठ निशानेबाजों के फाइनल में सृष्टि ने 214.7 अंक बनाए। वह ईरान की फैजेह अहमदी (237.3) और सारेह जवानमर्दी (237.0) के बाद तीसरे स्थान पर रही। सृष्टि अब तक राष्ट्रीय स्तर पर 28 पदक जीत चुकी हैं। इन दिनों दिल्ली में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) की ओर से एशियन गेम्स और पैरा ओलंपिक 2028 की तैयारी कर रही हैं। इस विशेष प्रशिक्षण के लिए देशभर से सिर्फ तीन बेटियों का चयन हुआ है, जिनमें सृष्टि भी शामिल हैं। सृष्टि ने मई-जून 2025 में दक्षिण कोरिया में आयोजित वर्ल्ड कप में 2 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल जीता था। इसी प्रतियोगिता में भारतीय बालिका टीम ने वर्ल्ड और एशियन रिकॉर्ड भी कायम किया।
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इसके अलावा नवंबर 2025 में यूएई में हुए वर्ल्ड कप के मिक्स और विमेंस टीम इवेंट में भी उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। सृष्टि अरोड़ा ने पिछले माह सितंबर में दक्षिण कोरिया में आयोजित वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट चैंपियनशिप में पहली भागीदारी में दो पदक जीते थे। उन्होंने मनीष नरवाल के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड इवेंट में कांस्य और एक टीम इवेंट में रजत पदक हासिल किया था।
शूटिंग में भारत के पदकों की संख्या बढ़ी
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा निशानेबाज लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। सृष्टि के कांस्य पदक से पहले मंगलवार को मनीष नरवाल ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच-1 स्पर्धा में रजत पदक जीता। इसके साथ ही उन्होंने लॉस एंजिल्स पैरालंपिक 2028 के लिए अपना कोटा भी पक्का किया। सोमवार को महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल एसएच-1 स्पर्धा में भारतीय निशानेबाज मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा ने शानदार प्रदर्शन किया था। मोना ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि अवनि को रजत पदक मिला।
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