बुधवार, 28 अक्टूबर 2026

रेवाड़ी में कचरे से तैयार की जाएगी जै​विक खाद, पंचायतों की बढेगी आय

Written by: सुनील कुमार

Published:

रेवाड़ी (Best E News) हरियाणा के जिला रेवाड़ी के 50 से ज्यादा गांवो की तस्बीर बदलने वाली है। गांवों में कचरे के उचित प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए…


रेवाड़ी में कचरे से तैयार की जाएगी जै​विक खाद
रेवाड़ी में कचरे से तैयार की जाएगी जै​विक खाद
Google News Follow us on Google

रेवाड़ी (Best E News) हरियाणा के जिला रेवाड़ी के 50 से ज्यादा गांवो की तस्बीर बदलने वाली है। गांवों में कचरे के उचित प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए इन गांवों में डंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। कई ग्राम पंचायतों में शैड तैयार कर दिए गए हैं। इसके लिए 2 करोड़ की लागत खर्च होगी। इतना ही नहीं कचरे से जैविक खाद बनाई जाएगी जिससे पंचायतों की आय में बढोतरी होगी।

Advertisement

बता दे कि डंपिंग स्टेशनों पर कचरे को व्यवस्थित तरीके से रखने के लिए शेड बनाए जाएंगे। साथ ही, कचरे को इधर-उधर फैलने से रोकने के लिए स्टेशन के चारों तरफ दीवार का निर्माण भी किया जाएगा।सरकर का मकसद इससे गांवों में जगह-जगह कचरा जमा होने की समस्या पर अंकुश लगाना है तथा कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा। गैर-पुनर्चक्रण योग्य कचरे को लैंडफिल व ऊर्जा उत्पाद में उपयोग करने के साथ ही इसे पीडब्लूडी विभाग को ग्राम पंचायत द्वारा बेचा जाएगा।

हर स्टेशन पर खर्च होंगे 3.95 लाख रुपये: बता दें कि संबंधित विभाग की ओर से करीब दो करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। प्रत्येक डंपिंग स्टेशन के निर्माण पर 3.95 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इन स्टेशनों पर गांवों से निकलने वाले कचरे को एकत्रित करने के साथ गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग किया जाएगा।

Advertisement

ये भी पढ़ें:Rewari crime: बावल IMT मारपीट मामले में एक और आरोपी चढा हत्थे

फिलहाल खंड स्तर पर टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से गांवों से कचरा उठाने का काम किया जा रहा है। लेकिन, इस कचरे को गांव के बाहर खाली जगह पर डाल दिया जाता है। इससे स्वच्छता की बजाय गंदगी फैल रही है। डंपिंग स्टेशन बनने के बाद गांवों से एकत्रित कचरे को निर्धारित स्थान पर लाकर अलग-अलग श्रेणियों में छांटा जा सकेगा। इससे कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और जैविक कचरे से खाद तैयार करने के साथ पुनर्चक्रण योग्य सामग्री का दोबारा उपयोग भी संभव हो सकेगा।

कचरे से तैयार की जाएगी जै​विक खाद: गीले कचरे से कंपोस्टिंग प्रक्रिया के जरिए जैविक खाद तैयार की जाएगी, जबकि सूखे कचरे में शामिल प्लास्टिक, कांच और धातु जैसी सामग्री को रीसाइकिल इकाइयों तक भेजा जाएगा। इसके अलावा उपयोगी सूखे कचरे का इस्तेमाल सड़क निर्माण में भी किया जाएगा।

ये भी पढ़ें:रेवाड़ी अदालत का बड़ा फैसला, बधराणा के गांजा तस्कर को 7 साल की कैद

सुनील कुमार
About the Author सुनील कुमार

सुनील कुमार (Best E News) हरियाणा की क्षेत्रीय खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनकी प्राथमिकता क्षेत्र की महत्वपूर्ण घटनाओं, जनसमस्याओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को पाठकों तक पहुंचाना है। View all posts by सुनील कुमार →

खबरें और भी

WhatsApp