गुरूवार, 22 अक्टूबर 2026

इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय की शिक्षक भर्ती को लेकर HC काआया बड़ा फैसला

Written by: सुनील कुमार

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Best E News: इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर, रेवाड़ी की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका को माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है। माननीय न्यायमूर्ति हरप्रीत…


रेवाड़ी की शिक्षक भर्ती
रेवाड़ी की शिक्षक भर्ती
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Best E News: इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर, रेवाड़ी की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका को माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है। माननीय न्यायमूर्ति हरप्रीत सिंह बराड़ ने 7 अक्टूबर 2026 को सिविल रिट याचिका संख्या 28259/2023, करमवती यादव एवं अन्य बनाम हरियाणा राज्य एवं अन्य में यह महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया।

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उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में अस्थायी रूप से कार्यरत रिसोर्स पर्सन एवं सहायक प्राध्यापकों द्वारा विश्वविद्यालय की 20 अक्टूबर 2023 को जारी विज्ञापन संख्या 10/2023 से 55/2023 के अंतर्गत सहायक प्राध्यापक, एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रोफेसर के पदों पर नियमित भर्ती प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं ने आरक्षण रोस्टर में संशोधन कर पदों को पुनः विज्ञापित करने की मांग भी की थी।

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विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि उक्त भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत चयनित लगभग 55 शिक्षक 21 फरवरी 2025 को ही विश्वविद्यालय में अपना कार्यभार ग्रहण कर चुके थे। इन शिक्षकों की नियुक्तियां माननीय उच्च न्यायालय में लंबित रिट याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन की गई थीं। अब 7 अक्टूबर 2026 को उच्च न्यायालय द्वारा याचिका खारिज किए जाने से इन नियुक्तियों के संबंध में लंबित उक्त न्यायिक चुनौती का निस्तारण हो गया है।

मामले की सुनवाई के दौरान माननीय उच्च न्यायालय ने संबंधित पक्षों की दलीलों तथा विधिक प्रावधानों का परीक्षण किया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अस्थायी रूप से कार्यरत रिसोर्स पर्सन केवल अपनी अस्थायी नियुक्ति के आधार पर नियमित भर्ती प्रक्रिया में बाधा डालने का अधिकार नहीं रखते।

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न्यायालय ने यह भी पाया कि याचिकाकर्ता भर्ती प्रक्रिया में अपनी भागीदारी अथवा अपने किसी विधिक अधिकार के उल्लंघन को स्थापित नहीं कर सके। विश्वविद्यालय की ओर से न्यायालय के समक्ष सत्यापित आरक्षण रोस्टर, विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उसके प्रकाशन तथा निर्धारित प्रक्रिया से संबंधित पर्यवेक्षक की रिपोर्ट का विवरण भी प्रस्तुत किया गया।

माननीय उच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 16 के अंतर्गत समानता तथा सार्वजनिक रोजगार में समान अवसर के सिद्धांतों के महत्व को रेखांकित किया। न्यायालय ने कहा कि सार्वजनिक पदों पर नियुक्तियां खुली एवं प्रतिस्पर्धात्मक चयन प्रक्रिया के माध्यम से संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप की जानी चाहिए।

न्यायालय ने विश्वविद्यालय द्वारा 20 अक्टूबर 2023 को जारी भर्ती विज्ञापन में हस्तक्षेप करने का कोई उचित आधार नहीं पाते हुए याचिका को खारिज कर दिया। इसके साथ ही संबंधित लंबित विविध आवेदनों का भी निस्तारण कर दिया गया।

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इस फैसले से विश्वविद्यालय की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया तथा पहले से कार्यरत 55 शिक्षकों की नियुक्तियों के संबंध में इस रिट याचिका के कारण बनी न्यायिक अनिश्चितता समाप्त हो गई है। यह निर्णय उच्च शिक्षण संस्थानों में पारदर्शी, निष्पक्ष एवं योग्यता आधारित नियमित नियुक्तियों के महत्व को भी रेखांकित करता है।

सुनील कुमार
About the Author सुनील कुमार

सुनील कुमार (Best E News) हरियाणा की क्षेत्रीय खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनकी प्राथमिकता क्षेत्र की महत्वपूर्ण घटनाओं, जनसमस्याओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को पाठकों तक पहुंचाना है। View all posts by सुनील कुमार →

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