
हरियाणा (Best E News) नूंह खेल विभाग में कबड्डी खेल नर्सरी के नाम पर सरकारी राशि के दुरुपयोग के फर्जीवाडे का बडा खुलासा हुआ है। पुलिस ने विभागीय शिकायत और सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर जिला खेल अधिकारी नूंह मनोज शर्मा, कार्यकारी जिला खेल अधिकारी व वर्तमान में रेवाड़ी डीएसओ मनोज कुमार, उप अधीक्षक राममेहर तथा दो आउटसोर्स कर्मचारियों मोहम्मद असफाक और साजिद खान के खिलाफ केस दर्ज किया है।
लोगों के बयानों का किया सत्यापन: बता दे इस मामले की जांच के दौरान खेल विभाग के रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के बयानों का सत्यापन किया गया। 20 फरवरी 2026 और 5 मार्च 2026 की निरीक्षण रिपोर्ट निदेशक खेल विभाग, हरियाणा के पंचकूला कार्यालय को भेजी गई। रिपोर्ट में सत्यापन के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई की बात सामने आई। इसके बाद जिला खेल अधिकारी कार्यालय की ओर से पुलिस अधीक्षक नूंह को शिकायत दी गई। शिकायत और दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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सरकारी कर्मचारी को भी नर्सरी में लगाया: बता दे कि साजिद खान पुत्र अब्दुल मजीद, निवासी उंटका वर्ष 2015 से शहीद हसन खान मेवाती सरकारी मेडिकल कॉलेज नल्हड़ में एचकेआरएन के तहत लिफ्टमैन के पद पर कार्यरत बताया गया है। FIR के मुताबिक उसे भी कबड्डी खेल नर्सरी में कोच के रूप में लगाया गया। दस्तावेजों के अनुसार 11 अप्रैल 2025 से 13 नवंबर 2025 तक मोहम्मद असफाक नर्सरी कोच रहा। इसके बाद 14 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक साजिद खान ने नर्सरी कोच के तौर पर बच्चों को प्रशिक्षण दिया। साजिद खान को भी खेल विभाग से 20 हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से भुगतान होने का आरोप है।
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वेतन को लेकर गोलमाल: पुलिस रिकॉर्ड में आरोप लगाया गया है कि मोहम्मद असफाक ने खेल विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों से मिलीभगत कर वर्ष 2024-25 और 2025-26 में खेल विभाग के सरकारी खजाने से 7 लाख 47 हजार 65 रुपए वेतन के रूप में प्राप्त किए। वहीं साजिद खान को 90 हजार रुपए वेतन के रूप में मिलने जिक्र किया है। इस तरह दोनों को मिलाकर सरकारी खजाने से 8 लाख 37 हजार 65 रुपए के भुगतान किया गया जियको लेकर FIR में दर्ज है।
सरकारी नौकर को भी बनाया कोच: गोलमाल करने की भी हद होती है। खेल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलीभगत कर ऐसे लोगों को कबड्डी नर्सरी में कोच के तौर पर दर्शाया, जो दूसरे सरकारी विभागों में नौकरी कर रहे थे। इसके एवज में सरकारी खजाने से वेतन का भुगतान कराया गया।आरोप है कि तत्कालीन खेल अधिकारियों ने उसकी फिजिबिलिटी और दस्तावेज जांचने के बाद उसके नाम पर नर्सरी आवंटित करने की मंजूरी दी। इसके बाद उसे खेल विभाग से 20 हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से वेतन का भुगतान किया गया।
पुलिस को दी शिकायत के अनुसार मोहम्मद असफाक पुत्र राशिद, निवासी उंटका वर्ष 2019 से शहीद हसन खान मेवाती सरकारी मेडिकल कॉलेज नल्हड़ में एचकेआरएन के तहत हेल्पर के पद पर कार्यरत था। इसके बावजूद वर्ष 2024-25 में उसे डीएवी पब्लिक स्कूल पुलिस लाइन नूंह की कबड्डी खेल नर्सरी में कोच के रूप में अलॉट किया गया।
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