बुधवार, 4 नवम्बर 2026

Diwali Puja Samagri: इन चीजों के बिना अधूरी है दिवाली लक्ष्मी पूजन, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

Written by: PK Chauhan

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Diwali Puja Samagri: देशभर में आज दीपों का महापर्व दीपावली श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। अंधकार पर प्रकाश की विजय, सुख-समृद्धि और वैभव की विरासत से जुड़ा यह…


Diwali Puja Samagri: देशभर में आज दीपों का महापर्व दीपावली श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। अंधकार पर प्रकाश की विजय, सुख-समृद्धि और वैभव की विरासत से जुड़ा यह पर्व हर घर में उजाला लेकर आता है।

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Diwali Puja Samagri: सोमवार शाम सूर्यास्त के बाद से ही घरों, गलियों और मंदिरों में दीपों की कतारें जगमगाने लगेंगी। दीपावली से पहले छोटी दिवाली और नरक चतुर्दशी का पर्व मनाया गया, जबकि आज बडी दिवाली पर मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर की विधिवत पूजा का विधान है।

Diwali Puja Samagri: पूजन विधि के अनुसार, भक्त स्नान कर शुद्ध सफेद वस्त्र धारण करें और चौकी पर लक्ष्मी, गणेश और कुबेर की मूर्तियां स्थापित कर मौली बांधें। चौकी पर छह चौमुखे और 26 छोटे घी के दीपक जलाएं। इसके बाद देवताओं को गंगाजल से स्नान कराएं और रोली, अक्षत, मिष्ठान, धूप, धान का लावा, मधु व मेवा अर्पित करें। पूजन के दौरान मां लक्ष्मी का ध्यान करते हुए ‘लक्ष्मी श्रोत’ व ‘श्रीसूक्त’ का पाठ शुभ माना गया है।

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पूजन सामग्री Diwali Puja Samagri

पूजा के लिए लक्ष्मी-गणेश जी की मूर्तियां
पान के पत्ते और फूल
भगवानों के लिए फूल माला
चांदी या तांबे की थाली पूजन के लिए
चौकी और उसके लिए लाल वस्त्र

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बंदनवार और शुभ दिवाली
पंचमेवा (काजू, बादाम, किशमिश, छुहारा, अखरोट)
साफ कलश और उसके लिए नारियल
सुपारी, लौंग और इलायची
कपूर और घी या तेल का दीपक

 

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रक्षा सूत्र, रोली
चावल , हल्दी, कुमकुम
धूप और अगरबत्ती पूजा के लिए
लक्ष्मी पूजन विधि की किताब
लक्ष्मी चालीसा किताब

आम के पत्ते
गंगाजल, साफ कटोरी और पूजा के लिए बर्तन
मिठाई, मौसमी फल
खील-बताशे और मखाने
धनिया के बीज और रंगोली बनाने के लिए रंग
आरती किताब  Diwali Puja Samagri

ये रहेगा समय: इस वर्ष अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 3:44 बजे से शुरू होकर 21 अक्टूबर को शाम 5:54 बजे तक रहेगी। मुख्य लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त सोमवार शाम 7:08 बजे से 8:18 बजे तक रहेगा।

हरियाणा में प्रादोष काल शाम 5:57 बजे से 8:27 बजे तक और लक्ष्मी पूजन मुहूर्त 7:23 से 8:27 बजे के बीच सर्वोत्तम रहेगा। धार्मिक मान्यता है कि इस समय मां लक्ष्मी का पूजन करने से घर में सुख-समृद्धि, धन और ऐश्वर्य का आगमन होताDiwali Puja Samagri

 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए Best E News  उत्तरदायी नहीं है।

PK Chauhan
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मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे Best E News पर अपडेट की जाती है। View all posts by PK Chauhan →

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