मंगलवार, 3 नवम्बर 2026

Bhiwadi News: चारागाह भूमि का मामला पहुंचा कोर्ट ?

Written by: PK Chauhan

Published:

Bhiwadi News: भिवाड़ी बीड़ा के अधिकारी कपिल यादव ने कहा कि यह भूमि दर्ज कराने की मांग काफी समय से लंबित थी। उनका कहना है कि बीड़ा के विकास और विस्तार के…


Bhiwadi News: भिवाड़ी बीड़ा के नाम दर्ज चारागाह भूमि पर पंचायत का विरोध तेज, न्यायालय में लड़ने की तैयारी हुई शुरू
Bhiwadi News: भिवाड़ी बीड़ा के नाम दर्ज चारागाह भूमि पर पंचायत का विरोध तेज, न्यायालय में लड़ने की तैयारी हुई शुरू
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Bhiwadi News: भिवाड़ी बीड़ा के अधिकारी कपिल यादव ने कहा कि यह भूमि दर्ज कराने की मांग काफी समय से लंबित थी। उनका कहना है कि बीड़ा के विकास और विस्तार के लिए यह जरूरी कदम था। प्रशासन ने सभी नियमों और औपचारिकताओं का पालन करते हुए भूमि परिवर्तन आदेश जारी किया है।

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कुतीना पंचायत की लगभग 400 बीघा यानी करीब 71.72 हेक्टेयर चारागाह भूमि को राजस्थान सरकार ने भिवाड़ी बीड़ा के नाम दर्ज कर दिया है। यह आदेश 5 दिसंबर 2025 को जारी किया गया। इस फैसले से पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय ग्रामीण काफी नाराज हैं और विवाद खड़ा हो गया है।

भिवाड़ी बीड़ा के नाम दर्ज इस भूमि में खसरा नंबर 3, 4, 5, 641, 642, 647, 763, 768, 939 और 940 शामिल हैं। ये जमीन कुतीना पंचायत के पशुपालकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि इन्हीं चारागाहों पर वे अपने पशुओं को चराते हैं।

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भिवाड़ी बीड़ा के अधिकारी कपिल यादव ने कहा कि यह भूमि दर्ज कराने की मांग काफी समय से लंबित थी। उनका कहना है कि बीड़ा के विकास और विस्तार के लिए यह जरूरी कदम था। प्रशासन ने सभी नियमों और औपचारिकताओं का पालन करते हुए भूमि परिवर्तन आदेश जारी किया है।

वहीं, कुतीना पंचायत के सरपंच रविंद्र चौहान और पंचायत समिति सदस्य सुरेंद्र सिंह पवन बाबा जी ने इस फैसले का जोरदार विरोध किया है। उनका कहना है कि चारागाह भूमि पशुपालकों की आजीविका का आधार है। अगर इसे बीड़ा के नाम कर दिया गया तो चराई के लिए पर्याप्त जमीन नहीं बचेगी और इससे पशुपालकों की जिंदगी पर बड़ा असर पड़ेगा।

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पंचायत ने आरोप लगाया है कि उनकी आपत्तियों के बावजूद प्रशासन ने बिना उनकी सहमति के भूमि परिवर्तन कर दिया, जो सीधे ग्रामीणों के हितों के खिलाफ है। पंचायत ने इस आदेश को चुनौती देने के लिए अदालत में याचिका दायर करने की योजना बनाई है और राजनीतिक समर्थन भी जुटाया जाएगा।

ग्रामीणों का कहना है कि चारागाह भूमि कम होने से उनके पशुओं को चराने में भारी परेशानी होगी और उनकी आजीविका प्रभावित होगी। कई ग्रामीण इसे पंचायत के अधिकारों का उल्लंघन भी मान रहे हैं।

यह विवाद अब कानूनी रास्ते पर पहुंच चुका है और अंतिम फैसला अदालत ही करेगी। पंचायत ने ग्रामीणों के साथ मिलकर इस मुद्दे पर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है। इस दौरान बबलू सिंह, विक्रम सिंह, मामराज सिंह, कुलवेंद्र सिंह, दीवान सिंह, मुकेश सिंह, जय प्रकाश सिंह, महंत रामकुमार नाथ, सीताराम और राधेश्याम सिंह समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

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PK Chauhan
About the Author PK Chauhan

मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे Best E News पर अपडेट की जाती है। View all posts by PK Chauhan →

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