
धारूहेड़ा: पिछले तीन साल से यही घोषनाएं हो रही है कि धारूहेड़ा में 50 बेड का अस्पताल बनेगा। नपा के चुनावों से पहले स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने धारूहेड़ा में दो जगह कार्यक्रम किए। दोनो जगह कहां था कि धारूहेड़ा की स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तार होगा। धारूहेड़ा का PHC अब CHC बनेगा। लेकिन कब बनेगा इसको लेकर किसी के पास कोई जबाव नही हैं पिछले 5 नपा के 5 साल के कार्यकाल में चार बार विधायक लक्ष्मण यादव व दो बार पूर्व चेयरमैन ने दावे किए थे जमीन मंजूर हो गई अब जल्द ही अस्पताल बनाया जाएगा। लेकिन ये योजनाएं केवल कागजो में दम तोड रही हैं।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि दो वर्षों में रेवाड़ी जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में काफी बदलाव हुआ है। यह बदलाव केवल इमारतों और मशीनों का नहीं, बल्कि लोगों के भरोसे का बदलाव है। स्वास्थ्य सेवाओं को गांवों तक बेहतर बनाने के लिए जिले के 20 स्वास्थ्य संस्थानों में नए भवनों के निर्माण एवं अन्य कार्यों के लिए कुल 27.35 करोड़ की राशि से काम चल रहा है। इनमें जिला नागरिक अस्पताल रेवाड़ी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मीरपुर में विशेष मरम्मत के कार्य पूरे हो चुके हैं।
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लोगों का आरोप है जिले में सबसे ज्यादा राजस्व देने, हाईव पर बसे होने व बार बार घोषणा के बावजूद धारूहेड़ा के साथ ये भेदभाव क्यों। जिन गांवो मे धारूहेड़ा से आधी आबादी है वहां तो सीएचसी बन चुके है लेकिन धारूहेड़ा में क्यों नहीं। साफ जाहिर यहां के लोगो के साथ न्याय नहीं हो रहा है। क्योकि पिछले 10 सालों से धारूहेड़ा के विकास की पैरवी करने वाला कोई नहीं है।
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स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व मे प्रदेश सरकार ने गरीब परिवारों की महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने, लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं के खातों में 2100 रुपये आर्थिक सहायता राशि पहुंचाने, किसानों की सभी 24 फसलों की एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित करने तथा युवाओं को बिना पर्ची और बिना खर्ची के सरकारी नौकरियां देने जैसे वादों को धरातल पर उतारने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हजारों युवाओं को जॉइनिंग लेटर देकर सरकार ने अपने संकल्पों को ईमानदारी से पूरा किया है।
दो साल पहले हुआ था भवन के टैंडर: सिविल सर्जन कार्यालय रेवाड़ी द्वारा नंदरामपुर बास रोड धारूहेड़ा में दो भवनों का चयन किया गया था, जिनकी निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस चयन प्रक्रिया में जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था, जिसने विभिन्न भवनों की गुणवत्ता, उनकी स्थिति और स्वास्थ्य केंद्र की जरूरतों के अनुरूप उनके उपयुक्त होने का आकलन किया जाना था। इन दो भवनों को किराए पर लेने के लिए चुना जाना था लेकिन ये टेंडर प्रकिया सिर्फ कागजों में दम तोड चुकी हैं
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स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण काम हुआ है। स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए लैप्रोस्कोपिक सर्जरी सेट, नियोनेटल वेंटिलेटर, दो बबल सी-पैप मशीन, कलर डाप्लर अल्ट्रासाउंड मशीन, लिक्विड बेस्ड साइटोलाजी मशीन, 500 एमए एक्स-रे मशीन और हेल्थ एटीएम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों में किडनी रोगियों के लिए मुफ्त डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई गई है।CHC बनने के बाद धारूहेड़ा में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी, प्रसूति सेवाएं, इमरजेंसी इलाज और कई जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही मिलेंगी। इससे मरीजों को बड़े शहरों या जिला अस्पतालों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे।
सरकार का यह कदम बढ़ती आबादी और क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। आमजन की परेशानी का सामना ना करना पड़े इसके लिए डॉक्टर्स कि कमी को दूर किया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उन्होंने कहा कि रेवाड़ी जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं पर जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। धारूहेड़ा मे ओपीडी 25 हजार के लगभग है वही पुरे जिले कि बात करें तो लगभग 10 लाख ओपीडी साल भर मे हो रही है। इसके साथ ही जाँच के लिए आधुनिक मशीने भी धारूहेड़ा हॉस्पिटल मे आई है। जिले के अस्पतालों में सीटी स्कैन, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और एआई आधारित हेल्थ एटीएम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। डॉक्टरों और स्टाफ की कमी को दूर करने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा सुधार हुआ है।
