मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026

HSPCB : स्मार्ट सेंसरों से होगी निगरानी, गडबडी करते ही मिलेगा अलर्ट

Written by: सुनील कुमार

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रेवाड़ी (BestE News) जिले में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) ने सख्त कदम उठाए हैं। रेड कैटेगरी की 60 फैक्ट्रियों पर अब 24 घंटे सीसीटीवी…


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HSPCB : स्मार्ट सेंसरों से होगी निगरानी, गडबडी करते ही मिलेगा अलर्ट
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रेवाड़ी (BestE News) जिले में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) ने सख्त कदम उठाए हैं। रेड कैटेगरी की 60 फैक्ट्रियों पर अब 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों और स्मार्ट सेंसरों से निगरानी की जाएगी। कैमरो के चलते फैक्ट्रियों की गतिविधियों और उत्सर्जन की स्थिति को अधिकारी लाइव देख सकेंगे। अगर कोई फैक्ट्री मानकों का उल्लंघन करती है या रात के समय चोरी-छिपे प्रदूषण फैलाती है, तो तुरंत छापे मारी की जाएगी।

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24 घंटे लाइव मॉनिटरिंग: रेवाड़ी जिले समेत हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में प्रदूषण फैलाने वाली लगभग 60 बड़ी रेड कैटेगरी फैक्ट्रियों (जैसे फूड प्रोसेसिंग और टेक्सटाइल इकाइयां) को इस रडार पर लिया गया है। इन पर लगे कैमरे और सेंसर 24 घंटे लाइव डेटा बोर्ड को भेजेंग बता दे इस पहल से पारदर्शिता बढ़ेगी और फैक्ट्री संचालक प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों को बंद नहीं कर पाएंगे। अब तक कई फैक्ट्रियां दिन में उपकरण चलाती थीं और रात में बंद कर देती थीं। लेकिन, लाइव मॉनिरिटिंग से इस पर रोक लगेगी।

 

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इनमें मुख्य रूप से फूड प्रोसेसिंग और टेक्सटाइल फैक्ट्रियां शामिल हैं, जिन पर बोर्ड की विशेष नजर है। इन फैक्ट्रियों में लगे कैमरों से निकलने वाला लाइव वीडियो फीड रियल-टाइम स्ट्रीमिंग प्रोटोकॉल (आरटीएसपी) के माध्यम से सीधे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सर्वर से जोडा गया हैं

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स्मार्ट सेंसर हवा में पीएम 2.5, पीएम 10 और अन्य गैसों की मात्रा को लगातार मापते रहेंगे और डाटा सीधे सर्वर पर भेजते रहेंगे। अगर प्रदूषण का स्तर तय सीमा से अधिक होता है, तो सिस्टम ऑटोमेटिक अलर्ट जारी कर देगा। बता दें कि जिले में पिछले दो दिनों से वायु प्रदूषण का स्तर 150 के करीब बना हुआ है, जो सामान्य से अधिक है।हालांकि सोमवार को एक्यूआइ सुधार के साथ 100 से नीचे रहा।

 

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निर्माण स्थलों (Construction Sites) पर भी सख्ती

सिर्फ फैक्ट्रियां ही नहीं, HSPCB और CAQM (वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग) के नियमों के अनुसार 500 वर्ग मीटर से बड़े सभी निर्माण स्थलों पर भी धूल प्रदूषण रोकने के लिए लाइव वेब कैमरे और कम लागत वाले पीएम2.5/पीएम10 सेंसर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। हाल ही में नियमों की अनदेखी करने और कैमरे बंद पाए जाने पर बोर्ड ने कई निर्माण साइटों को बंद करने की सिफारिश भी की है।  इस कदम से न केवल सिस्टम में पारदर्शिता आएगी, बल्कि सर्दियों के मौसम में दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में स्मॉग और प्रदूषण की गंभीर समस्या से भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

रेड कैटेगरी में शामिल फैक्ट्रियों में सीसीटीवी और ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड दिए गए हैं। जो फैक्ट्री निर्देशों का पालन नहीं करेगी, उसके विरुद्ध पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी और उसका संचालन बंद भी किया जा सकता है।
अजय यादव, एसडीओ हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

सुनील कुमार
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सुनील कुमार (Best E News) हरियाणा की क्षेत्रीय खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनकी प्राथमिकता क्षेत्र की महत्वपूर्ण घटनाओं, जनसमस्याओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को पाठकों तक पहुंचाना है। View all posts by सुनील कुमार →

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