
Breaking News: धारूहेड़ा: जिला रेवाड़ी के कस्बा धारूहेड़ा की नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों का अपनी लंबित मांगों को लेकर धैर्य जवाब दे गया है। पिछले काफी समय से सरकार के आश्वासनों से नाराज कर्मचारियों ने गुरुवार को दमकल विभाग से लेकर नगर पालिका कार्यालय तक एक विशाल आक्रोश मार्च निकाला। इस दौरान कर्मचारियों ने अनोखे ढंग से ‘उल्टी झाडू’ हाथ में लेकर सरकार और संबंधित विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।Breaking News
बता दे ये प्रदर्शन नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान अनिल कुमार की अगुवाई में निकाला गया। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों को जल्द पूरा नहीं किया, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और उग्र रूप धारण कर लेगा। जिसके लिए वे स्वंय जिम्मेदार होंगे।Breaking News
13 मई के समझौते को लागू न करने से बढ़ा आक्रोश
यूनियन के प्रधान अनिल कुमार ने बताया कि 13 मई 2026 को सरकार और हमारे बीच एक लिखित समझौता हुआ था, जिसमें हमारी कई मुख्य मांगों को स्वीकार किया गया था। लेकिन बड़े दुख की बात है कि इतने महीने बीत जाने के बाद भी उन मांगों को धरातल पर लागू नहीं किया गया। सरकार हर बार केवल आश्वासन की घुट्टी पिलाकर हमें टाल देती है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”Breaking News
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Dharuhera News: क्या हैं सफाई कर्मचारियों की मुख्य मांगें?
आक्रोश मार्च में शामिल कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर एक मांग पत्र भी तैयार किया है। कर्मचारियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:Breaking News
कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना: लंबे समय से कार्यरत कच्चे सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों को तुरंत प्रभाव से पक्का (नियमित) किया जाए।
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30 हजार रुपये न्यूनतम वेतन: विभिन्न ठेकों (Contract) के तहत काम कर रहे कर्मचारियों को रेगुलर किया जाए और जब तक वे नियमित नहीं होते, तब तक उन्हें कम से कम 30,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाए।
हटाए गए कर्मचारियों की बहाली: पूर्व में जिन सफाई कर्मचारियों को किन्हीं कारणों से ड्यूटी से हटा दिया गया था, उन्हें तुरंत वापस काम पर लिया जाए।
एक्सग्रेशिया पॉलिसी का सरलीकरण: एक्सग्रेशिया (आश्रित अनुकंपा) पॉलिसी की शर्तों को सरल बनाया जाए ताकि मृत कर्मचारियों के पात्र परिवारों को इसका लाभ आसानी से मिल सके।Breaking News
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दमकल विभाग से नपा कार्यालय तक गूंजे नारे
गुरुवार सुबह भारी संख्या में सफाई कर्मचारी दमकल विभाग के कार्यालय पर एकत्रित हुए। यहाँ से शुरू हुआ आक्रोश मार्च भगत सिंह चौक होते हुए वापस नगर पालिका कार्यालय पर आकर संपन्न हुआ। मार्च के दौरान कर्मचारियों का नेतृत्व राजबीर, तेजसिंह, संदीप, और सुनील जैसे वरिष्ठ कर्मचारी नेताओं ने किया।Breaking News
जानिए क्या है आगे की रणनीति:
यूनियन ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यह आक्रोश मार्च तो सिर्फ एक ट्रेलर था। यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र ही कोई सकारात्मक और लिखित निर्णय नहीं लिया, तो कर्मचारी पूर्ण रूप से टूल-डाउन हड़ताल (काम बंद हड़ताल) पर जाने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।Breaking News
