मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

Haryana News: हरियाणा के ईंट भट्टों में पराली पेलेट का उपयोग अनिवार्य, प्रदूषण पर मिलेगी बड़ी राहत

Written by: सुनील कुमार

Published:

Haryana News: हरियाणा में पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब राज्य के गैर-एनसीआर जिलों में ईंट भट्टों में कोयले के साथ धान…


Haryana News: हरियाणा के ईंट भट्टों में पराली पेलेट का उपयोग अनिवार्य, प्रदूषण पर मिलेगी बड़ी राहत
Haryana News: हरियाणा के ईंट भट्टों में पराली पेलेट का उपयोग अनिवार्य, प्रदूषण पर मिलेगी बड़ी राहत
Google News Follow us on Google

Haryana News: हरियाणा में पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब राज्य के गैर-एनसीआर जिलों में ईंट भट्टों में कोयले के साथ धान की पुआल से बने बायोमास पेलेट का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। यह फैसला हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) ने ठंडी और साफ ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और पराली जलाने की समस्या को कम करने के लिए लिया है।

Advertisement

इस नए नियम के तहत ईंट भट्टों को कम से कम 20% बायोमास पेलेट का इस्तेमाल करना होगा, जिसे नवंबर 2028 तक बढ़ाकर 50% तक ले जाया जाएगा। यह निर्णय 7 नवंबर को राज्य स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में लिया गया। इसका उद्देश्य प्रदूषण को कम करना और किसानों को पराली जलाने की बजाय उसे उपयोगी संसाधन में बदलने के लिए प्रोत्साहित करना है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अधिकारियों को सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। ईंधन के उपयोग का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले ईंट भट्टों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच खाद्य और आपूर्ति विभाग के साथ मिलकर की जाएगी। नियमों का पालन न करने पर लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है या जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

Advertisement

ये भी पढ़ें:Rewari News: 3 साल की परीशा ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में बनाई जगह

हिसार जिले में फिलहाल आठ एजेंसियां पेलेट बनाने का काम कर रही हैं और अन्य जिलों में भी ऐसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। ईंट भट्टा मालिकों को पेलेट इस्तेमाल करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। इस नीति से न सिर्फ पर्यावरण को लाभ होगा बल्कि किसानों के लिए भी अतिरिक्त आय का रास्ता खुलेगा क्योंकि वे अपने फसल अवशेष को बायोमास पेलेट में बदलकर बेच सकेंगे।

यह योजना पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को कम करने के साथ-साथ किसानों और ईंट भट्टा मालिकों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित होगी। ऐसे में यह कदम हरियाणा के लिए एक बड़ी सफलता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मजबूत पहल माना जा रहा है।

ये भी पढ़ें:जीनस इनोवेशन की सिरसा में डीलर मीट, 50 प्रमुख डीलर्स ने लिया हिस्सा

सुनील कुमार
About the Author सुनील कुमार

सुनील कुमार (Best E News) हरियाणा की क्षेत्रीय खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनकी प्राथमिकता क्षेत्र की महत्वपूर्ण घटनाओं, जनसमस्याओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को पाठकों तक पहुंचाना है। View all posts by सुनील कुमार →

खबरें और भी

WhatsApp