Haryana News: हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने अपनी ई-नीलामी प्रक्रिया में कई बड़े बदलाव किए हैं। नए नियमों के तहत, डिफॉल्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी । इतना ही नहीं नए नियमों के चलते रद्द किए गए भूखंडों की तेजी से दोबारा नीलामी की जाएगी।
इन बदलावों का उद्देश्य आवासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत और स्वतंत्र वाणिज्यिक संपत्तियों के आवंटन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। नियमों का उल्लंघन करने के कारण रद्द किए गए भूखंडों की अब 60 दिनों के भीतर दोबारा नीलामी अनिवार्य होगी।Haryana News
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यदि नई बोली मूल बोली से कम होती है, तो भी आवंटन नए उच्चतम बोलीदाता के पक्ष में किया जाएगा, जबकि मूल आवंटी की पूरी बयाना राशि (EMD) जब्त कर ली जाएगी। Haryana News
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प्रॉपर्टी सरेंडर के लिए भी सख्त शर्तें: अपनी प्रॉपर्टी सरेंडर करने वालों के लिए भी सख्त शर्तें रखी गई हैं। पहले वर्ष के भीतर सरेंडर करने पर बोली राशि का 15% ज़ब्त किया जाएगा, और एक से दो वर्षों के बीच ऐसा करने पर यह राशि बढ़कर 25% हो जाएगी।
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दो से तीन वर्षों के बीच समर्पित की गई संपत्तियों पर 35% की कटौती होगी, जबकि तीन वर्षों के बाद छोड़ी गई संपत्तियों पर आवंटन मूल्य का 50% का भारी नुकसान होगा।
पेमेंट करने का समय तय: प्रॉपर्टी पेमेंट की टाइम लाइन भी स्पष्ट रूप से तय कर दी गई है। 10% अग्रिम राशि जमा करने के बाद, आवंटियों को 30 दिनों के भीतर अतिरिक्त 15% का भुगतान करना होगा। आवासीय और बूथ, कियोस्क और एससीओ जैसी छोटी व्यवसायिक संपत्तियों के मामले में शेष 75% राशि 120 दिनों के भीतर चुकानी होगी।Haryana News
ग्रुप हाउसिंग या मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट जैसी बड़े प्रोजेक्ट के लिए, शेष राशि के लिए अलावा 120 दिन दिए गए हैं, यह केवल तभी लागू होगा जब देय तिथि 13 मई, 2025 तक पेडिंग हो।Haryana News
जमा राशि पर कोई ब्याज नहीं : चूक कर्ता को मूल बोली राशि का 10% या पुरानी और नई बोली के बीच का अंतर जो भी कम होगा, जब्त कर लिया जाएगा। इसके अलावा जमा राशि पर कोई ब्याज भी नहीं दिया जाएगा।Haryana News
संशोधनों के तहत ऐसे मामलों में जहां दोबारा नीलामी में अधिक कीमत प्राप्त होती है और नया बोलीदाता पूरा भुगतान कर देता है, तो एचएसवीपी जब्त की गई ईएमडी को छोड़कर, पहले बोलीदाता की जमा राशि वापस कर देगा।

