
Best E News: हरियाणा के गुरुग्राम से आने वाली ड़ा सुधा यादव भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद हैं, जिन्हें कर्नाटक का नया गवर्नर नियुक्त किया गया है। वे थावरचंद गहलोत की जगह लेंगी। सुधा यादव के पति सुखबीर सिंह यादव बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट थे और साल 1999 के करगिल युद्ध के दौरान शहीद हो गए थे। इसके बाद तत्कालीन हरियाणा भाजपा प्रभारी नरेंद्र मोदी के विशेष आग्रह पर उन्होंने राजनीति में कदम रखा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को 6 राज्यों में नए राज्यपाल नियुक्त किए हैं। इनमें सुधा यादव का भी नाम हैं जो हरियाणा के गुरुग्राम की रहने वालीं हैं. सुधा यादव को कर्नाटक के राज्यपाल की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रधानमंत्री मोदी के भरोसेमंद सहयोगियों में गिनी जाने वाली सुधा यादव फिलहाल भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य हैं। राज्यपाल के रूप में उनकी नई भूमिका को उनके राजनीतिक सफर का एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।
महिलाओं पर भाजपा का फोकस : इससे पहले पानीपत की रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अर्चना गुप्ता को 28 मई 2026 को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी है. 43 साल बाद कोई महिला हरियाणा BJP की अध्यक्ष बनी हैं. उनसे पहले 1980 में डॉ. कमला वर्मा हरियाणा में पार्टी की पहली महिला अध्यक्ष बनीं थी. पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को हरियाणा भाजपा का प्रभारी भी बनाया गया है. भाजपा ने पहली बार हरियाणा का प्रभार किसी महिला नेता को दिया है.
ये भी पढ़ेंरेवाड़ी के उपचेयरमैन निखिल मांढैया से मिले व्यापारी, शहर के विकास पर चर्चा
सांसद से केंद्रीय चुनाव समिति तक का सफर
1999 में सांसद रहीं : सुधा यादव ने अपना पहला लोकसभा चुनाव साल 1999 में महेंद्रगढ़ सीट से लड़ा और भारी मतों से जीतकर संसद पहुंची थीं। इस चुनाव में उन्होंने अहीरवाल के दिग्गज नेता राव इंद्रजीत को एक लाख 39 हजार वोटों से हराया था। बाद में वे राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य बनीं। अगस्त 2022 में उन्हें भाजपा के संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया। लंबे समय से सक्रिय डॉ. सुधा यादव को अब उनके लंबे संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए कर्नाटक के राज्यपाल के रूप में एक बड़ी संवैधानिक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कारगिल युद्ध में पति को खोया, एक बार बन चुकी है सांसद
डॉ. सुधा यादव का राजनीतिक सफर संघर्ष और संयोग, दोनों से जुड़ा रहा है। उनके पति सुखबीर सिंह यादव सीमा सुरक्षा बल में डिप्टी कमांडेंट थे और कारगिल युद्ध में बलिदान हो गए थे। वर्ष 1999 में जब मोदी हरियाणा भाजपा के प्रभारी थे, तब उन्होंने सुधा यादव को लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार बनाने का प्रस्ताव दिया।
ये भी पढ़ेंरेवाड़ी नगर परिषद के उपचेयरमैन निखिल मांढैया ने राव साहब से की मुलाकात
कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार: बता दे कि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है। वहीं, हरियाणा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला कर्नाटक में पार्टी के प्रभारी हैं। ऐसे में अब कर्नाटक की सत्ता के दो महत्वपूर्ण राजनीतिक संदर्भों में हरियाणा का जुड़ाव दिखाई देगा। एक तरफ कांग्रेस संगठन की जिम्मेदारी सुरजेवाला के पास है, तो दूसरी तरफ संवैधानिक पद पर डॉ. सुधा यादव होंगी। हालांकि, राज्यपाल का पद दलगत राजनीति से ऊपर संवैधानिक मर्यादाओं और जिम्मेदारियों से जुड़ा होता है।
ये भी पढ़ेंचेयरमैन अजय जांगड़ा ने धारूहेड़ा में विकास कार्यो का किया औचक निरीक्षण
