
Delhi Air Pollution: दिल्ली में बुधवार सुबह वायु गुणवत्ता में थोड़ा सुधार देखा गया है। समीर ऐप के अनुसार दिल्ली का कुल AQI 269 दर्ज किया गया है जो खराब श्रेणी में आता है। मंगलवार को यह स्तर 310 था। हालांकि शहर सुबह धुंध और प्रदूषण की गाढ़ी परत से घिरा रहा। कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर अभी भी बहुत ज्यादा बना हुआ है।
इस मामूली सुधार के बावजूद राजधानी में हवा की गुणवत्ता अभी भी अस्वास्थ्यकर बनी हुई है। कई मॉनिटरिंग स्टेशनों ने अभी भी बहुत खराब स्तर के प्रदूषण के आंकड़े दर्ज किए हैं। डवाका के NSIT इलाके में सबसे ज्यादा 324 AQI रिकॉर्ड हुआ है। इसके बाद बावना का नंबर है जहां AQI 319 रहा। ये दोनों इलाके बहुत खराब श्रेणी में आते हैं।
जयहांगीरपुरी मुंडका नेहरू नगर पुसा विवेक विहार और वज़ीरपुर जैसे इलाके भी 300 से ऊपर के AQI के साथ बहुत खराब श्रेणी में बने हुए हैं। वहीं केवल आया नगर IGI एयरपोर्ट T3 और मंदिर मार्ग जैसे कुछ इलाके ही मध्यम श्रेणी में आ पाए हैं।
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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस स्वास्थ्य संकट को देखते हुए प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने मंगलवार को स्थानीय प्रदूषण स्रोतों पर विशेष निगरानी और नियंत्रण की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने खुले में कूड़ा पत्तियां कागज जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है। अब इस पर 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यह जिम्मेदारी MCD और जिला प्रशासन की दी गई है कि वे इस नियम का कड़ाई से पालन कराएं।
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खास बात यह है कि सभी होटलों रेस्तरां और खुले खाने-पीने की दुकानों में तंदूर में कोयला और लकड़ी जलाने पर भी पूरी रोक लगाई गई है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर जनता से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे सहयोग के काम बड़े बदलाव ला सकते हैं।
