बुधवार, 4 नवम्बर 2026

PM Kisan Yojana में बड़ा घोटाला, हरियाणा सरकार उठाने जा रही है अब ये बडा कदम

Written by: PK Chauhan

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PM Kisan Yojana: हरियाणा में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) में भारी फर्जीवाड़ा का बडा माामला सामने आया है। हाल ही जांच खुलासा हुआ है कि हरियाणा में करीब…


PM Kisan Yojana: हरियाणा में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) में भारी फर्जीवाड़ा का बडा माामला सामने आया है। हाल ही जांच खुलासा हुआ है कि हरियाणा में करीब 44,040 दंपतियों ने गलत जानकारी देकर योजना का दोहरा लाभ उठाया। इसी को लेकर हरियाणा सरकार एक बडा कदम उठाने जा रही है।

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9 करोड का फर्जीवाडा: बता दे इस खुलासे पता चलते ही अगस्त माह से सभी संदिग्ध लाभार्थियों की किस्तें रोक दी गई हैं। विभाग ने अब अनुचित रूप से ली गई रकम की वसूली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अनुमान है कि राज्य में प्रत्येक किस्त में करीब 9 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा हुआ है, जिससे यह घोटाला कई सौ करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

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नारनौल के पीएम किसान योजना नोडल अधिकारी रविंद्र कुमार यादव ने बताया कि इस योजना के तहत एक परिवार से केवल एक सदस्य को ही हर चार महीने में 2,000 रुपये की सहायता दी जानी चाहिए।PM Kisan Yojana

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लेकिन जांच में पाया गया कि हजारों दंपतियों ने पति-पत्नी दोनों के नाम से लाभ लिया। सरकार ने तय किया है कि ऐसे मामलों में एक सदस्य से पूरी राशि की वसूली की जाएगी और भुगतान के बाद ही परिवार के दूसरे सदस्य को आगे का लाभ मिलेगा। सभी लाभार्थियों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।PM Kisan Yojana

निगरानी पर गंभीर सवाल: मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि 15 अक्टूबर तक सभी संदिग्ध लाभार्थियों का सत्यापन पूरा किया जाए। पीएम किसान योजना का उद्देश्य किसानों को आर्थिक सहायता देना है, लेकिन इस घोटाले ने इसकी पारदर्शिता और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।PM Kisan Yojana

जानिए कहां हुआ ज्यादा घोटाला: बता दे कि हरियाणा के नूंह जिले में इस फर्जीवाड़े में सबसे हुआ है। जहां 7,802 दंपति दोहरा लाभ ले रहे थे। इसके बाद भिवानी (3,632), जींद (3,284), कैथल (2,870), महेंद्रगढ़ (2,384) और सिरसा (2,456) जिलों में भी बड़ी संख्या में लाभार्थी नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। राज्य स्तर पर अब तक 26,822 रिकॉर्डों का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि 17,218 मामले अभी लंबित हैं।

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केंद्रीय कृषि मंत्रालय की जांच में यह मामला केवल हरियाणा तक सीमित नहीं पाया गया। राष्ट्रीय स्तर पर 33.34 लाख संदिग्ध लाभार्थियों की पहचान की गई है, जिनमें 17 लाख से अधिक पति-पत्नी दोनों द्वारा लाभ लेने के मामले हैं। अब तक 31 लाख मामलों का सत्यापन किया जा चुका है, जिनमें से लगभग 94% मामलों में पति-पत्नी दोनों को फर्जी लाभार्थी पाया गया।

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मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे Best E News पर अपडेट की जाती है। View all posts by PK Chauhan →

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