
Ahmedabad plane crash: अहमदाबाद एयरपोर्ट से लंदन के लिए उड़ान भरते ही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 महज 32 सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह हादसा गुरुवार दोपहर करीब 1:38 बजे हुआ, जब विमान टेकऑफ के तुरंत बाद अचानक संतुलन खो बैठा और शहर के घनी आबादी वाले चांदखेड़ा इलाके में मेडिकल कॉलेज हॉस्टल व कैंटीन की इमारतों से टकराता हुआ गिर पड़ा।
आग की भीषण लपटों और धमाके के साथ विमान पूरी तरह जल गया। शुक्रवार 13 जून को राहत व बचाव दलों ने पुष्टि की कि अब तक इस भीषण हादसे में कुल 265 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें विमान के 241 यात्री और क्रू के साथ-साथ ज़मीन पर मौजूद 24 स्थानीय नागरिक शामिल हैं। लगभग 61 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज अहमदाबाद के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।Ahmedabad plane crash

एनडीआरएफ, एयरपोर्ट अथॉरिटी और वायुसेना की संयुक्त टीमों ने रातभर चले सर्च ऑपरेशन में ब्लैक बॉक्स और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर बरामद कर लिया है। शुरुआती जांच में दो इंजन फेल होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि सटीक कारणों की पुष्टि ब्लैक बॉक्स की डीकोडिंग के बाद ही होगी। हादसे से पहले पायलट द्वारा ‘मे-डे’ कॉल दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है, जिससे तकनीकी खराबी की आशंका और मजबूत हो गई है।
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इस विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिसमें से चमत्कारिक रूप से एक ब्रिटिश नागरिक जीवित मिला, जिसे गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। विमान हादसे में आसपास की रिहायशी इमारतों और हॉस्टल में भी बड़ा नुकसान हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को घटनास्थल का दौरा किया और मृतकों के परिजनों के लिए ₹1 करोड़ की राहत राशि तथा घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की। एयर इंडिया और टाटा ग्रुप ने भी पीड़ितों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है।
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डीजीसीए ने एयर इंडिया के ड्रीमलाइनर 787-8 और 787-9 विमानों के लिए अतिरिक्त तकनीकी निरीक्षण के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही बोइंग और अंतरराष्ट्रीय विमानन एजेंसियों की संयुक्त टीम इस मामले की विस्तृत जांच में शामिल हो गई है।
देश के विमानन इतिहास में इसे सबसे भीषण हादसों में गिना जा रहा है। यह हादसा न केवल तकनीकी प्रबंधन पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि हवाई सुरक्षा मानकों को लेकर सरकार और कंपनियों के रवैये की भी एक बड़ी परीक्षा है।
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