मंगलवार, 3 नवम्बर 2026

Haryana : भावांतर भरपाई योजना से मधुमक्खी पालकों को मिलेगी आर्थिक सुरक्षा, जानिए कैसे

Written by: PK Chauhan

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Haryana: हरियाणा सरकार द्वारा भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत शहद का संरक्षित मूल्य 120 रुपए प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। इससे मधुमक्खी पालकों को बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव से राहत…


भावांतर भरपाई योजना से मधुमक्खी पालकों को मिलेगी आर्थिक सुरक्षा, जानिए कैसे
भावांतर भरपाई योजना से मधुमक्खी पालकों को मिलेगी आर्थिक सुरक्षा, जानिए कैसे
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Haryana: हरियाणा सरकार द्वारा भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत शहद का संरक्षित मूल्य 120 रुपए प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। इससे मधुमक्खी पालकों को बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव से राहत मिलेगी और उन्हें अपने उत्पाद का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा।

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भावांतर भरपाई योजना क्या है

डीसी अभिषेक मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा सरकार ने मधुमक्खी पालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भावांतर भरपाई योजना के तहत शहद के लिए संरक्षित मूल्य तय किया है। यह निर्णय सरकार की किसान हितैषी सोच और कृषि से जुड़ी सहायक गतिविधियों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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भावांतर भरपाई योजना से मधुमक्खी पालकों को मिलेगी आर्थिक सुरक्षा, जानिए कैसे
कृषि विविधीकरण को प्रोत्साहित करने का प्रयास

उन्होंने बताया कि मधुमक्खी पालन किसानों के लिए आय का महत्वपूर्ण अतिरिक्त स्रोत बनकर उभरा है। यह न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाता है, बल्कि परागण के माध्यम से फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाता है। हरियाणा सरकार कृषि विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

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मधुक्रांति पोर्टल पर करे अप्लाई

डीसी ने बताया कि योजना के तहत पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया मधुक्रांति पोर्टल madhukranti.in तथा भावान्तर भरपाई योजना पोर्टल (शहद) hortharyana.gov.in के माध्यम से की जाएगी। पंजीकरण की अवधि 1 जनवरी से 30 जून 2026 तक निर्धारित की गई है। योजना का लाभ लेने के लिए हरियाणा राज्य की सीमा के भीतर सत्यापन अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि लाभार्थियों को परिवार पहचान पत्र और बैंक खाते के विवरण के आधार पर सत्यापन कराना होगा।

पंजीकरण करवाकर योजना का लाभ उठाएं

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यह प्रक्रिया अधिकृत अधिकारियों द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न की जाएगी, ताकि योजना का लाभ वास्तविक मधुमक्खी पालकों तक पहुंच सके। डीसी ने मधुमक्खी पालकों से आह्वान किया कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण करवाकर योजना का लाभ उठाएं।

जानकारी के लिए यहां करें संपर्क’ बता दे कि इसको लेकर संबंधित अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800-180-2021 पर संपर्क किया जा सकता है।
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PK Chauhan
About the Author PK Chauhan

मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे Best E News पर अपडेट की जाती है। View all posts by PK Chauhan →

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