मंगलवार, 3 नवम्बर 2026

रेजांगला पराक्रम यात्रा का दिल्ली में भव्य समापन, मेजर शैतान सिंह भाटी की शताब्दी पर देशभक्ति और श्रद्धा का अद्वितीय संगम

Written by: PK Chauhan

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नई दिल्ली: रेजांगला युद्ध के परमवीर शहीद मेजर शैतान सिंह भाटी की शताब्दी जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में निकाली गई "रेजांगला पराक्रम यात्रा" का समापन 2 अगस्त को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक नई…


रेजांगला पराक्रम यात्रा का दिल्ली में भव्य समापन, मेजर शैतान सिंह भाटी की शताब्दी पर देशभक्ति और श्रद्धा का अद्वितीय संगम
रेजांगला पराक्रम यात्रा का दिल्ली में भव्य समापन, मेजर शैतान सिंह भाटी की शताब्दी पर देशभक्ति और श्रद्धा का अद्वितीय संगम
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नई दिल्ली: रेजांगला युद्ध के परमवीर शहीद मेजर शैतान सिंह भाटी की शताब्दी जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में निकाली गई “रेजांगला पराक्रम यात्रा” का समापन 2 अगस्त को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक नई दिल्ली में श्रद्धांजलि कार्यक्रम के साथ हुआ। यह ऐतिहासिक यात्रा 17 जून को जोधपुर से शुरू हुई थी, जो एन.डी. निम्बावत की अध्यक्षता वाली रेजांगला शौर्य समिति और शहीद सेवादल फाउंडेशन के तत्वावधान में चलाई गई। तिरंगे और अमर शहीदों के चित्रों से सुसज्जित वाहन के साथ यह यात्रा 6500 किलोमीटर की दूरी तय कर दिल्ली पहुंची।

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यात्रा का उद्देश्य 1962 के रेजांगला युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की वीरता को जन-जन तक पहुंचाना, शहीद परिवारों को सम्मानित करना और देश की नागरिक सुरक्षा संस्कृति को मजबूती देना था। यात्रा में युद्ध के 87 वर्षीय जीवित योद्धा कप्तान रामचंद्र यादव, सेना मेडल प्राप्त निहाल सिंह यादव, मेजर शैतान सिंह के पुत्र नरपत सिंह भाटी, शहीद सेवादल फाउंडेशन के निदेशक सावन सिंह रोहिल्ला समेत कई गणमान्य लोग शामिल रहे।

राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब के सभी 110 शहीद परिवारों को चूशूल घाटी स्थित अहीर धाम से लाई गई पावन माटी के कलश, सम्मान सामग्री और ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत नाबालिग बालिकाओं को ₹5000 के किसान विकास पत्र देकर सम्मानित किया गया। यात्रा ने शिवरात्रि के दिन हरिद्वार से लाई गई गंगाजल कांवड़ को पहली बार चूशूल घाटी में युद्ध स्मारक पर चढ़ाकर सामूहिक तर्पण का कार्य भी पूर्ण किया — जोकि 1963 के दाह संस्कार के बाद पहली बार संभव हो सका।

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यात्रा को आध्यात्मिक गुरुओं जैसे बाबा रामदेव, कुशाल गिरी महाराज, प्रेमानंद जी महाराज, चम्पत राय समेत विभिन्न विधायकों, जनप्रतिनिधियों और सेना इकाइयों का भरपूर सहयोग मिला। 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस पर दरास में आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात कर यात्रा ने वीरता की विरासत को और सशक्त किया।

समापन अवसर पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर भारत सरकार से “मेजर शैतान सिंह भाटी परमवीर चक्र शताब्दी एक्सप्रेस” को जोधपुर से शुरू करने, 1962 के युद्ध से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने, राज्यसभा में प्रत्येक कार्यकाल में दो शहीद परिवारों को नामित करने और सेवानिवृत्त सैनिकों व अग्निवीरों को प्राइवेट सेक्टर में समान वेतनमान देने की मांग की गई।

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PK Chauhan
About the Author PK Chauhan

मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे Best E News पर अपडेट की जाती है। View all posts by PK Chauhan →

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