
रेवाड़ी: वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ओर से एक अक्टूबर से बिना वैद्य प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी) के पेट्रोल पंपों पर वाहनों को ईंधन यानि तेल नही दिया जाएगा। लेकिन सरकार का यह नियम केवल कागजों में ही दम तोड रहा है। धरातल पर ऐसा कुछ नहीं है। रेवाड़ी के पट्रोल पंपों पर वाहन चालक सामान्य रूप से ईंधन भरवाते नजर आ रहे हैं। कई जगह पेट्रोल पंपों पर पड़ताल की, जिसमें बिना पीयूसी की जांच के ही ईंधन दिया जा रहा था।
जुर्माना का प्रावधान: बता दे नए नियम के चलते प्रत्येक पेट्रोल पंप पर आटोमैटिक नंबर प्लेट रिकाग्निशन कैमरे लगाए जाने थे, लेकिन रेवाड़ी जिले में इस व्यवस्था का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। वैध पीयूसी नहीं होने पर 10 हजार रुपये जुर्माना का प्रविधान है। रेवाड़ी में पेट्रोल पंपों पर वाहन चालक बिना पीयूसी वाले भी ईंधन भरवाते नजर आ रहे हैं। सबसे अहम बात तो यह है कि अधिकांश पेट्रोल पंप संचालकों को ही इसकी जानकारी ही नहीं है। नियमों का प्रचार नहीं होने के चलते नियमों की पालना सुनिश्चित क्यों नहीं की जा रही है।
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जानिए क्या है नियम: आयोग के निर्देशों का उद्देश्य ऐसे वाहनों को सड़क से दूर रखना है, जिनका प्रदूषण प्रमाण पत्र वैध नहीं है। इसके तहत पेट्रोल पंप संचालकों को ईंधन देने से पहले वाहन का पीयूसी प्रमाण पत्र जांचना होगा। नियम की पालना नहीं होने पर संबंधित स्तर पर कार्रवाई का प्रावधान भी है।
हरियाणा में एक अक्टूबर से यह व्यवस्था लागू हो चुकी है। रेवाड़ी में पेट्रोल पंप आटोमैटिक नंबर प्लेट रिकाग्निशन कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने ताकि पीयूसी प्रमाण पत्र एवं वाहनों की निर्धारित अवधि का पता लगाया जा सके। सुधीर बल्हारा, सहायक प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी, रेवाड़ी।
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