
Cyber Fraud: डिजिटलीकरण (Digitalisation) के विस्तार ने जीवन को स्मार्टफोन (Smartphone) और लैपटॉप (Laptop) पर अत्यधिक निर्भर बना दिया है। यही कारण हर आदमी डिजिटलीकरण का आदी बनता जा रहा है। जिस गति से डिजिटलीकरण बढता जा रहा है उससे कही ज्यादा साइबर ठगी बढती जा रही है। हर दिन किसी न किसी को शातिर अपना शिकार बना ही लेते है।
आजकल, ऑनलाइन धोखाधड़ी (Online Fraud) वाले ऐप्स (APPS) और सॉफ़्टवेयर (Software) की बाढ़ आ गई है, ये ऐप्स यूजर्स की संवेदनशील जानकारी चुरा लेते हैं और इनका इस्तेमाल बैंक अकाउंट से पैसा निकालने के लिए भी किया जा सकता है।Cyber Fraud
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बैंक से जुड़े काम से लेकर शॉपिंग तक सब कुछ ऑनलाइन किया जा रहा है। जहां इसने अधिकांश लोगों के लिए काम करना आसान बना दिया है, वहीं तकनीक पर निर्भरता ने जालसाजों को इंटरनेट (Internet) का उपयोग करके लोगों को अलग-अलग तरीकों से ठगने (Cyber Fraud) का एक साधन भी दिया है।
नए नए हथकंडे: बता दे साइबर गिरोह भी पुलिस व आम लोगो को ठगने कें नए नए हथकंडे अपना रहे है। वे इस कदर आपकों लुभाएंगे कि आप उनके चुंगल में फसते ही चले जाएंगें।
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आमतौर पर ये शातिर को विभिन्न योजनाओं और लॉटरी का लालच देकर काम करते हैं। मालवेयर (Malware) एक ऐसा सॉफ़्टवेयर (Software) है, जिसका उपयोग साइबर अपराधियों द्वारा लोगों के सिस्टम का एक्सेस प्राप्त करके उऩकी जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
जानिए क्या है मालवेयर?
मालवेयर (Malware) एक ऐसा सॉफ़्टवेयर (Software), जिसका उपयोग साइबर अपराधी किसी के मोबाइल फोन या लैपटॉप में प्रवेश करने के लिए करते हैं। फिर अपराधी इन उपकरणों में सेव जानकारी को चुरा लेते हैं।
बता दे कि किसी के मोबाइल फोन या लैपटॉप का एक्सेस प्राप्त करके साइबर अपराधी क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड बैंक खाते के विवरण आदि तक भी पहुंच सकते हैं। कुछ अन्य प्रकार के मालवेयर लैपटॉप या मोबाइल फ़ोन की फ़ाइलों को करप्ट भी कर सकते हैं। कई बार होता है कि इन फाइलों रीट्राइव नहीं किया जा सकता।
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मालवेयर से कैसे करें बचाव
किसी भी सोशल मीडिया साइट्स पर पासवर्ड, कार्ड की जानकारी आदि कभी भी न दें।
काम पूरा होने के बाद नेट बैंकिंग आदि से लॉग आउट करें।
कंप्यूटर में फ़ायरवॉल इंस्टाल करें।
लैपटॉप या कंप्यूटर पर नियमित अंतराल पर एंटीवायरस (Anti-Virus) और स्पाइवेयर डिटेक्शन सॉफ़्टवेयर (Spyware Detection Software) को अपडेट करते रहें।
अपने लैपटॉप या मोबाइल पर कुछ भी डाउनलोड करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि क्या डाउनलोड हो रहा है। ये सही है या नहीं
विश्वसनीय वेबसाइटों से ही खरीदारी करें।
मैसेज, ईमेल के जरिए भेजे गए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। ध्यान रहे कि इस पर क्लिक करने से आपके अकाउंट की डिटेल्स किसी और प्राप्त हो सकता है।
