हरियाणा (Best E News) हरियाणा में गुरुवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। हरियाणा के रेवाड़ी धारूहेड़ा अंबाला, जींद, कैथल और कुरुक्षेत्र में अल सुबह तेज बारिश हो रही है। कई जगह रुक-रुककर बूंदाबांदी जारी रही है। मौसम विभााग ने 10 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। इतना ही नहीं गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
10 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट: मौसम विभाग ने पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, रोहतक, सोनीपत और पानीपत में कहीं-कहीं ओलावृष्टि की आशंका जताई है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, नूंह, पलवल, फरीदाबाद, जींद और चरखी दादरी में भी तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है।
हरियाणा के जींद, पानीपत, करनाल, यमुनानगर और नारनौल में आसमान में काली घटाएं छाई रहीं है। मौसम में आए इस बदलाव से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं खेतों और अनाज मंडियों में खुले में रखी फसलों पर संकट गहरा गया है।
ये भी पढ़ेंसावधान! हरियाणा के इन 10 जिलों में आज होगी ओलावृष्टि
हरियाण की कई मंडियों भीगा धान: मौसम विभाग की चेतावनी के बीच कैथल की अनाज मंडियों में खुले में रखी धान की ढेरियां और बोरियां बारिश की चपेट में आ गईं है। मंडी में जल निकासी बाधित होने से पानी जमा हो गया, जिससे फसल भीग गई है। बारिश से किसानों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है. भीगी फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ उसके उठान में भी देरी हो सकती है।
भिवानी में सुबह से ही मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा था। आसमान में बादल छाए हुए थे और ठंडी हवाएं चल रही थी। इसके बाद भिवानी में झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश से एक तरफ लावणी में लगे किसानों का कार्य प्रभावित हुआ है। वहीं धान के किसानों को राहत भी मिली है कि उनको धान में पानी की पूर्ति होगी। इसके अलावा आगामी फसल की बिजाई की तैयारी में जुटे किसानों ने भी राहत की सांस ली है कि अगर बारिश अच्छी होती है तो बीना सिंचाई में आगामी फसल की बिजाई कर पाएंगे।
ये भी पढ़ेंहरियाणा के इन 10 जिलों मे बारिश का अलर्ट, जानें अपने शहर का हाल
15 लाख मीट्रिक टन धान मंडियों में पड़ा: वहीं, कैथल जिले की विभिन्न अनाज मंडियों में अब तक 3,09,220 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। धीमी उठान और बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. किसानों के लिए खुले में रखी धान और बाजरे की फसल को ढककर सुरक्षित रखने की सलाह भी जारी की गई है।फतेहाबाद जिले में हुई बारिश ने धान उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी और कटाई के लिए तैयार फसल से लेकर मंडियों में बिक्री के इंतजार में खुले आसमान के नीचे पड़े धान तक बारिश की चपेट में आए हैं।
ये भी पढ़ेंहरियाणा में मौसम बदला: प्रशासन के इंतजामों की खुली पोल ? अचानक बारिश से मंडियों में भीगा धान
