मंगलवार, 3 नवम्बर 2026

Haryana: RTO Rewari में ऑनलाइन रिश्वतखोरी का भंडाफोड़, विजिलेंस ने तीन आरोपियों के खिलाफ चालान किया पेश

Written by: PK Chauhan

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• विजिलेंस गुरुग्राम ने संगठित भ्रष्टाचार पर की बड़ी कार्रवाई • निजी व्यक्तियों द्वारा ₹11,000 मासिक रिश्वत फोन-पे के जरिए लेने का आरोप • शिकायतकर्ता के डम्पर को हर माह परेशान कर…


• विजिलेंस गुरुग्राम ने संगठित भ्रष्टाचार पर की बड़ी कार्रवाई
• निजी व्यक्तियों द्वारा ₹11,000 मासिक रिश्वत फोन-पे के जरिए लेने का आरोप
• शिकायतकर्ता के डम्पर को हर माह परेशान कर जबरन वसूली की जाती थी
• धारा 384 IPC और 7A पीसी एक्ट के तहत दर्ज केस में 4 दिसंबर 2025 को चालान दाखिल
• आरोपी मनीष गोदारा, मनोज कुमार उर्फ मोटा और राजेंद्र (राज) के खिलाफ कार्रवाई

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रेवाड़ी: हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, (ACB Haryana) गुरुग्राम ने एक बडी कार्रवाई की है। रेवाड़ी आरटीओ कार्यालय में लंबे समय से रिश्वत लेने वाले तीन व्यक्तियों के खिलाफ रेवाड़ी की अदालत में चालान पेश कर दिया है। यह मामला उस समय सामने आया जब शिकायतकर्ता अजीत कुमार ने ब्यूरो को बताया कि उनके किराए पर लिए गए डम्पर (HR 66A-5846) को रेवाड़ी से पलवल और फरीदाबाद तक ले जाने के दौरान आरोपी उन्हें लगातार परेशान कर ₹11,000 प्रति माह रिश्वत ली जाती है।Haryana

यू हुआ खुलासा: बता दे कि शिकायत में यह भी स्पष्ट किया गया कि आरोपी कारखाना, सड़क और चेकिंग पॉइंट्स पर वाहन को रोकने की धमकी देकर ‘आरटीओ से आसानी से निकलवाने’ का दबाव बनाते थे। हैरानी की बात यह रही कि यह रिश्वत नकद नहीं, बल्कि फोन-पे (PhonePe) के माध्यम से ऑनलाइन ली जा रही थी, जो भ्रष्टाचार के आधुनिक स्वरूप को उजागर करती है।Haryana

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इनके खिलाफ मामला दर्ज‘ एसीबी की शिकायत के आधार पर 9 दिसंबर 2023 को तीनों आरोपियों—मनीष गोदारा निवासी खावड़ा कलां (फतेहाबाद), मनोज कुमार उर्फ मोटा निवासी सागरपुर (महेंद्रगढ़) और राजेंद्र (राज) निवासी लोहारू (भिवानी)—के खिलाफ धारा 384 भादंस (जबरन वसूली) और 7A भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोग संख्या 41 दर्ज किया गया था।Haryana

विजिलेंस टीम ने कई महीनों की विस्तृत जांच के बाद सभी डिजिटल लेन-देन, मोबाइल रिकॉर्ड और शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर 4 दिसंबर 2025 को इन तीनों आरोपियों के खिलाफ चालान रेवाड़ी कोर्ट में प्रस्तुत कर दिया। ब्यूरो का कहना है कि यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत है कि डिजिटल माध्यम से ली जाने वाली रिश्वत भी कानून की पकड़ से बाहर नहीं है। मामला अब कोर्ट में विचाराधीन है और आगे की कार्यवाही न्यायालय के निर्देशानुसार की जाएगी।Haryana

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PK Chauhan
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मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे Best E News पर अपडेट की जाती है। View all posts by PK Chauhan →

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