मंगलवार, 3 नवम्बर 2026

Haryana News: योग संस्कृत आवासीय प्रबोधन वर्ग में संस्कृत और संस्कृति के संरक्षण का दिया संदेश

Written by: PK Chauhan

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Haryana News: संस्कृतभारती, हरियाणा (न्यास) द्वारा 02 जनवरी से 10 जनवरी 2026 तक आयोजित आवासीय प्रबोधन वर्ग के चतुर्थ दिवस पर आयोजित वंदना सत्र में संस्कृति, भाषा और योग के आपसी संबंध…


आवासीय प्रबोधन वर्ग के चतुर्थ दिवस पर आयोजित वंदना सत्र में संस्कृति, भाषा और योग के आपसी संबंध पर विस्तार से चर्चा की गई
आवासीय प्रबोधन वर्ग के चतुर्थ दिवस पर आयोजित वंदना सत्र में संस्कृति, भाषा और योग के आपसी संबंध पर विस्तार से चर्चा की गई
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Haryana News: संस्कृतभारती, हरियाणा (न्यास) द्वारा 02 जनवरी से 10 जनवरी 2026 तक आयोजित आवासीय प्रबोधन वर्ग के चतुर्थ दिवस पर आयोजित वंदना सत्र में संस्कृति, भाषा और योग के आपसी संबंध पर विस्तार से चर्चा की गई। इस सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में सेवाभारती रेवाड़ी के जिला अध्यक्ष एम. पी. गोयल उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि हिमालयन परिवार के प्रांत कोष प्रमुख कुलभूषण गर्ग रहे।

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कार्यक्रम में योग शिक्षक डॉ. ईश्वर सिंह, पूर्व पार्षद बबीता सैनी और संस्कृतभारती के प्रांत मंत्री प्रमोद शास्त्री का सानिध्य भी रहा। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक वंदना के साथ हुई, जिसमें संस्कृत और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया गया। Haryana News

मुख्य अतिथि एम. पी. गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि वह स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें संस्कृतभारती द्वारा आयोजित इस प्रबोधन वर्ग में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यदि हम अपनी संस्कृति और संस्कृत भाषा को साथ लेकर आगे बढ़ें, तो भारत को पुनः विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि योग संस्कृत का हृदय है और संस्कृत योग की जड़ों को संभालती है। संस्कृत के बिना योग की गहराई और उसके मूल दर्शन को पूरी तरह समझना संभव नहीं है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे संस्कृत को केवल भाषा नहीं, बल्कि जीवन पद्धति के रूप में अपनाएं।

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विशिष्ट अतिथि कुलभूषण गर्ग ने कहा कि संस्कृत केवल प्राचीन ग्रंथों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आज के आधुनिक जीवन में भी मार्गदर्शन देने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रबोधन वर्ग समाज में सकारात्मक सोच और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का कार्य करते हैं। योग शिक्षक डॉ. ईश्वर सिंह ने योग और संस्कृत के वैज्ञानिक और व्यावहारिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए बताया कि योग के अधिकांश सूत्र और अवधारणाएं संस्कृत में ही निहित हैं, जिन्हें समझे बिना योग का पूर्ण लाभ नहीं मिल सकता।

वंदना सत्र में संस्कृतभारती के विभाग संयोजक प्रवेश कौशिक, वर्ग प्रशिक्षण प्रमुख अजय शास्त्री, वर्ग सह प्रशिक्षण प्रमुख सुरेंद्र कुमार, अंबाला विभाग संगठन मंत्री देवांश कृष्ण और हिसार विभाग संगठन मंत्री नवीन कौशल सहित वर्ग के सभी प्रशिक्षक और प्रबंधक उपस्थित रहे। इस आवासीय प्रबोधन वर्ग में पूरे हरियाणा से लगभग 130 छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं, जिन्हें संस्कृत भाषा, संस्कृति और भारतीय जीवन मूल्यों का गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार यह वर्ग युवाओं में सांस्कृतिक चेतना और संस्कृत के प्रति रुचि जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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PK Chauhan
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मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे Best E News पर अपडेट की जाती है। View all posts by PK Chauhan →

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