
Haryana News: हरियाणा सरकार ने खाद वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अब इसे पूरी तरह ‘मेरी फसल–मेरा ब्यौरा’ (एमएफएमबी) पोर्टल से जोड़ा गया है। नई व्यवस्था के तहत किसान केवल पोर्टल पर पंजीकरण कराने के बाद ही खाद प्राप्त कर सकेंगे।
पायलट प्रोजेक्ट और पूरे प्रदेश में लागू
इस प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट पंचकूला में सफलतापूर्वक चलाया गया। इसे केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है। अब इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम (आईएफएमएस) को एमएफएमबी पोर्टल से जोड़ दिया गया है।
कृषि विभाग ने बताया कि किसानों को खाद देने के लिए कोई अतिरिक्त नियम नहीं हैं। केवल पोर्टल पर पंजीकरण और प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन पर बायोमेट्रिक सत्यापन पर्याप्त है। किसान का पंजीकरण नंबर और अंगूठा मशीन पर होना अनिवार्य होगा।
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नई व्यवस्था बुधवार से लागू कर दी गई है। अब किसान केवल आधार कार्ड दिखाकर खाद नहीं ले पाएंगे। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। यह कदम खाद की किल्लत, मारामारी और तस्करी को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
रबी सीजन में किसानों के लिए राहत
खरीफ सीजन के बाद रबी सीजन के लिए खाद खरीदने में किसानों को कठिनाई होती थी। अब एमएफएमबी पोर्टल के माध्यम से खाद की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। सरकार का लक्ष्य खाद का दुरुपयोग और गैर-कृषि कार्यों में इस्तेमाल रोकना है।
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