
धारूहेड़ा (Best E news) हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की 45 घंटे चली लंबी हड़ताल शुक्रवार शाम को समाप्त हो गई हैं । कर्मचारियों की हडताल को लेकर मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ बैठक और निजी कंपनी का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश के बाद शुक्रवार रात को बिजली कर्मचारियोंं की तीन दिन की हडताल समाप्त हो गई है। हालांकि दो दिन हुई हडताल से 15 जिलो में पावर कट रही। हड़ताल खत्म होने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य में बिजली आपूर्ति बहाल करने के सख्त आदेश दिए हैं।

ग्रामीण इलाके अभी भी अंधेरे में डूबे
बता दे करीब 45 धंट बिजली कर्मचारियों हड़ताल के दौरान (बुधवार रात 10 बजे से शुक्रवार तक) कर्मचारियों ने फाल्ट ठीक नहीं किए थे। इस वजह से कई 33-kV और 11-kV फीडरों में गंभीर तकनीकी खराबी आ गई थी। हड़ताल समाप्त होने के बाद अब इन बड़े फॉल्ट को आज ठीक किया जा रहा है, जिसमें कुछ समय लग रहा है। इसी के चलते गांवों में पावर कट बना हुआ हैं
45 घंटे 1500 से ज्यादा शिकायतें: हड़ताल के चलते अकेले दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के पास हजारों शिकायतें पेंडिंग हैं। अगर धारूहेड़ा की बात करे तो 50 गांवों 1500 से ज्यादा शिकायतें पेंडिग पडी है। कर्मचारियों की हडताल ख्त्म होने पर शनिवार को लाईनमैन और तकनीकी टीमें एक-एक करके क्षेत्रों की बिजली बहाल कर रही हैं। शहरों वैसे पावर कट नहीं है लेकिन ग्रामीण इलाकों तक पूरी तरह सप्लाई पहुंचने में देरी हो रही है।
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धारूहेड़ा में बिजली पानी संकट: बिजली संकट के चलते लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वीरवार देर शाम से बाधित बिजली आपूर्ति शुक्रवार को भी कई क्षेत्रों में सुचारु नहीं हो पाई। कुछ क्षेत्रों में बिजली चालू कर दी गई, जबकि द्वारकाधीश, महेश्वरी, एम2के सोसाइटी, बेस्टेक सिटी, डेंटल कॉलोनी और कपड़ीवास सहित कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति बाधित रही। हालांकि शुक्रवार को प्रशासन की ओर से कुछ पुरानी सेवानिवृत बिजली कर्मचारियों को लगाकर बिजली सचारू करवाई गई इसके बावजूद पूर्णतया बिजली बहाल नहीं हुईं
ओवरलोडेड इंफ्रास्ट्रक्चर: कई गांवों में यह समस्या ज्यादा गंभीर हो गई है। क्योंकि कुछ इलाकों में पुराने बिजली के बुनियादी ढांचे के कारण जैसे ही हड़ताल के बाद अचानक लोड बढ़ाया गया, वहां लोकल ट्रांसफार्मर या पैनल ट्रिप हो गए, जिन्हें दुरुस्त करने का काम चल रहा है।
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सेक्टरों में वीरवार और शुक्रवार को बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानी हुई। बिजली गुल रहने से घरों में इन्वर्टर ठप हो गए। मोटर नहीं चलने से जलापूर्ति ठप रही। करीब 400 उद्योग प्रभावित रहे। कई उद्योगों को जनरेटर का सहारा लेना पड़ा। छोटे उद्योगों के संचालकों के सामने चुनौती पैदा हो गई क्योंकि वे लगातार जनरेटर नहीं चला पा रहे है।
