
हरियाणा (Best E News) हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन शुक्रवार शाम को खत्म हो गई। गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का लाइसेंस निजी कंपनी को देने के विरोध में कर्मचारी आंदोलन कर रहे थे। महज दो दिन जगह जगह ब्लैक हाउट सरकार को सोंचने का मजबूर कर दिया। परेशा होकर पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के यूनियन कर्मचारियों के साथ् शुक्रवार शाम को बैठक हुइ। बैठक में लाइसेंस रद्द कराने के लिए कदम उठाने का आश्वासन मिला। इसी के साथ ही बाद यूनियनों ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया।
3 नवंबर को होगी बैठक्: बता दे कि ऑल हरियाणा पावर वर्कर यूनियन के नेता देवेंद्र हुड्डा के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बिजली अधिनियम की धारा 108 के तहत कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। उन्होंने बताया कि मांगों पर चर्चा के बाद हड़ताल समाप्त करने का ऐलान किया गया है। अब 3 नवंबर को फिर से बैठक होगी।
पावर ने लोगोंं को रूलाया: दो दिन पूरे हरियाण में हुई पावर कट से जहां लोग रोने लगी वहीं सरकार की नींद टूट गई। बता दे कि इस हड़ताल से प्रदेश के लगभग 15 जिलों में बिजली सेवाएं प्रभावित हुईं। शुक्रवार को भी हिसार, कुरुक्षेत्र, फरीदाबाद, सोनीपत और गुरुग्राम समेत कई जगह लोगों को परेशानी हुई और कुछ स्थानों पर लोग सड़कों पर आ गए। कुरुक्षेत्र और कैथल बार एसोसिएशन ने वर्क सस्पेंड रखा। वहीं, पानीपत थर्मल पावर प्लांट की दो यूनिट भी बंद हो गईं। रेवाडी के मूसेपुर में जाम, जगह जगह विरोध प्रदर्शन के चलते हरियाणा सरकार ने 48 घंटे में अपने निजिकरण के नियम को वापस लेने का आश्वसन दिया।
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