
धारूहेड़ा: हरियाणा में निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के विरोध में Haryana के करीब 41 हजार बिजली कर्मचारी और अभियंता तीन दिवसीय हड़ताल पर चले गए। पहले ही दिन बिजली व्यवस्था संभालने के प्रशासनिक प्रबंधों की हकीकत सामने आ गई। अगर धारूहेड़ा की बात करें तो शुक्रवार को 20 से जयादा गांवों में 8 धंटे से ज्यादा बिजली गुल रही। हालांकि पुलिस प्रशासन की ओर से बाहर से कर्मचारी बुलाकर 12 गांवों में बिजली चालू करवा दी गई लेकिन 8 गांवों में फाल्ट के चलते बिजली गुल ही हैं
शुक्रवार को हरियाणा के हालात देखते हुए ऊर्जा और परिवहन मंत्री अनिल विज ने सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफॉर्म के जरिए कर्मचारियों से अपील की कि वे हड़ताल खत्म कर ड्यूटी पर आ जाएं। परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार सभी विकल्पों पर बातचीत करने के लिए तैयार है। इसमें इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 की धारा 108 पर कार्यवाही करना भी शामिल है।
धारूहेड़ा शहर से गांवों तक आपूर्ति बाधित रही: फाल्ट ठीक करने के लिए तकनीकी कर्मचारी नहीं मिले और शिकायतों का अंबार लगता गया। कई क्षेत्रों में रातभर बिजली गुल रहने से पेयजल संकट गहरा गया।
धारूहेड़ा गुरूवार को 8 गांव तथा शुक्रवार को 22 गांवों में बिजली गुल रही। पुलिस विभाग की से मोर्चा संभालते हुए बाहर से कर्मचारी बुलाए तथा बिजली की आपूर्तिब बहाल करवाई। हालांकि धारूहेड़ा के 8 गांवों में तकनीकी खराबी के चलते बिजली आपूर्ति नहीं हो पाई हैं।
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पुलिस से संभाला मोर्चा: गुरूवार को जहां पुलिस जनस्वास्थ्य व बिजली सब स्टेंशन पर तैनात रही वही शुक्रवार को सुबह सुबह ही मोर्चा संभाल लिया है। प्रशासन की ओर से बिजली की शिकायतों को लेकर कई जगह बिजली आपूर्ति चालू करवाई तब जाकर ग्रामीणों को राह मिली।
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