
धारूहेड़ा (Best E News) मसानी बैराज में दूषित पानी की समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर शुक्रवार को गढ़ी बोलनी रोड स्थित यादव भवन में बैठक निहाल सिंह लंबरदार की अध्यक्षता में हुई। बैठक निर्णय लिया गया कि दिसंबर में मसानी बैराज पर धरना शुरू किया जाएगा। प्रशासन इस समस्या को लेकर गंभीर नही है। इसी समस्या को लेकर 12 और 13 अक्तूबर को पंचकूला में सिंचाई विभाग व जनस्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री से उनके निवास पर हुई मुलाकात का विवरण भी साझा किया।
कमल सिंह यादव ने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने एक सप्ताह में प्रस्ताव तैयार कर सरकार और उच्च अधिकारियों को भेजने का आश्वासन दिया है। इसके बाद उन्होंने रेवाड़ी के अधीक्षण अभियंता से भी मुलाकात की। जड़थल से मसानी तक करीब छह किलोमीटर क्षेत्र में गंदा पानी खुले में बह रहा है। इससे आसपास के गांवों में बदबू फैल रही है, भूजल प्रभावित हो रहा है और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इस हिस्से की पाइपलाइन के लिए तत्काल योजना बनाने की मांग की गई।
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विधानसभा से सरकार तक उठाया था मुद्दा
विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने विधानसभा में दो बार यह मुद्दा उठाया। जब वे विधानसभा की पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण कमेटी के अध्यक्ष थे, तब टीम के साथ मौके का निरीक्षण भी किया था। विधायक के अनुसार, सरकार ने करीब 217 करोड़ रुपए की परियोजना को मंजूरी दी है। पूरी परियोजना एक साथ पूरी होने के बजाय चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है।
जडथल से बिछाई जानी है पाईप लाईन: बता दें किया योजना के मुताबिक दिवाली के बाद जड़थल गांव से मसानी बैराज तक छह किमी लंबी पाइपलाइन बिछाई जानी है। इसका एस्टीमेट तैयार कर उच्चाधिकारियों को अभी तक नहंी भेजा गया । इसी को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में मुलाकत उनको अवगत करवाया गया। अगर सुनवाई नही कि दिसंबर में मसानी बैराज पर धरना शुरू किया जाएगा।
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पहले चरण के लिए 125 करोड़ रुपए जारी
रेवाड़ी के मसानी बैराज में जमा दूषित पानी की समस्या से आसपास के करीब 15 गांवों को राहत मिलने की उम्मीद है। पानी की निकासी और उसे शोधित कर दोबारा उपयोग लायक बनाने के लिए 217 करोड़ रुपए की परियोजना पर काम शुरू हो गया है। इसके तहत करीब 40 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर पानी को शोधित करने के बाद ड्रेन नंबर-8 तक पहुंचाया जाएगा पहले चरण के लिए 125 करोड़ रुपए जारी हो चुके हैं और पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू है। परियोजना में तीन वाटर बॉडी बनाने और भविष्य में बैराज में आने वाले पानी को भी शोधित करने की व्यवस्था शामिल है।
