बुधवार, 4 नवम्बर 2026

Haryana News: हरियाणा सरकार और राइस मिलर्स का विवाद खत्म, बैंक गारंटी 15 नवंबर तक जमा करना अनिवार्य

Written by: सुनील कुमार

Published:

Haryana News: हरियाणा में प्रदेश सरकार और राइस मिलर्स के बीच लंबे समय से चल रहे बैंक गारंटी विवाद का समाधान कर लिया गया है। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर और…


Haryana News: हरियाणा सरकार और राइस मिलर्स का विवाद खत्म, बैंक गारंटी 15 नवंबर तक जमा करना अनिवार्य
Haryana News: हरियाणा सरकार और राइस मिलर्स का विवाद खत्म, बैंक गारंटी 15 नवंबर तक जमा करना अनिवार्य
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Haryana News: हरियाणा में प्रदेश सरकार और राइस मिलर्स के बीच लंबे समय से चल रहे बैंक गारंटी विवाद का समाधान कर लिया गया है। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर और मिलर्स एसोसिएशन की चंडीगढ़ में हुई बैठक में इस मुद्दे पर सहमति बन गई। बैठक में तय किया गया कि सभी राइस मिलर्स को 15 नवंबर तक बैंक गारंटी जमा करनी होगी।

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बैठक में तय किया गया कि जिन राइस मिलर्स ने 15 मार्च 2025 तक चावल की गाड़ियां लगाई हैं, उन्हें 1.5 प्रतिशत बैंक गारंटी जमा करनी होगी। वहीं, जिन मिलर्स ने मार्च 2025 के बाद चावल की गाड़ियां लगाई हैं, उन्हें 3 प्रतिशत बैंक गारंटी जमा करनी होगी। अगर कोई मिलर तय समय पर बैंक गारंटी जमा नहीं करता है, तो उसके आवंटित धान को कस्टम मिलिंग के लिए अन्य मिलर्स को अलॉट कर दिया जाएगा।

खरीद एजेंसी हैफेड, वेयरहाउस और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग समेत सभी संबंधित एजेंसियों ने इस शर्त को लागू किया है। साथ ही, ई-खरीद पोर्टल पर पंजीकरण करवा रहे मिलर्स के लिए बैंक गारंटी वाले कॉलम को भरना अब अनिवार्य कर दिया गया है। फिलहाल, खरीद एजेंसियां इस कॉलम में ऑप्शन उपलब्ध कराने की मांग कर रही हैं ताकि प्रक्रिया और सरल हो सके।

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राइस मिलर्स को कुल 50,000 क्विंटल धान का आवंटन दिया गया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अनुसार, धान की कीमत 2,389 रुपये प्रति क्विंटल है। इस हिसाब से कुल मूल्य लगभग 11 करोड़ 94 लाख 50 हजार रुपये होता है। इसके आधार पर राइस मिलर्स को 35 लाख 83 हजार रुपये की बैंक गारंटी जमा करनी होगी।

अगर राइस मिलर्स तय समय पर बैंक गारंटी जमा नहीं करते हैं, तो उनके आवंटित धान का कस्टम मिलिंग का अधिकार अन्य मिलर्स को दे दिया जाएगा।

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सुनील कुमार
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सुनील कुमार (Best E News) हरियाणा की क्षेत्रीय खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनकी प्राथमिकता क्षेत्र की महत्वपूर्ण घटनाओं, जनसमस्याओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को पाठकों तक पहुंचाना है। View all posts by सुनील कुमार →

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