बुधवार, 4 नवम्बर 2026

Haryana News: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में डिजिटल बोर्ड अनिवार्य, स्कूल मुखिया और क्लास इंचार्ज होंगे सीधे जिम्मेदार

Written by: सुनील कुमार

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Haryana News: हरियाणा के शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सभी राजकीय सीनियर सेकंडरी और मिडिल स्कूलों में…


Haryana News: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में डिजिटल बोर्ड अनिवार्य, स्कूल मुखिया और क्लास इंचार्ज होंगे सीधे जिम्मेदार
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Haryana News: हरियाणा के शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सभी राजकीय सीनियर सेकंडरी और मिडिल स्कूलों में अब डिजिटल बोर्ड का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल मुखियाओं को स्पष्ट आदेश जारी किए हैं कि अगर किसी स्कूल में डिजिटल बोर्ड का उपयोग नहीं किया गया, तो स्कूल मुखिया और क्लास इंचार्ज की जवाबदेही तय की जाएगी।

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इस फैसले का मुख्य उद्देश्य छात्रों की पढ़ाई को तकनीक के माध्यम से आसान और रोचक बनाना है। डिजिटल बोर्ड के जरिए वीडियो, चित्र और ऑडियो सामग्री के माध्यम से कठिन विषयों को समझना सरल होगा। छात्रों को विषय जल्दी समझ में आएंगे और उनकी सीखने की क्षमता बढ़ेगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने पहले राज्य के स्कूलों में डिजिटल सुविधाओं का निरीक्षण और समीक्षा भी की थी।

समीक्षा में पता चला कि कई स्कूलों में डिजिटल बोर्ड या तो पूरी तरह से बंद पड़े थे, या उनका इस्तेमाल सिर्फ औपचारिकता के लिए किया जा रहा था। कुछ बोर्ड खराब हालत में थे। अब शिक्षा विभाग ने इसे सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। जिन स्कूलों के डिजिटल बोर्ड अभी भी गारंटी में हैं, उन्हें कंपनी द्वारा ठीक कराया जाएगा, जबकि गारंटी समाप्त बोर्डों की मरम्मत स्कूलों को बाजार से करानी होगी।

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रोहतक के जिला शिक्षा अधिकारी मंजीत मलिक ने बताया कि अब स्कूलों में डिजिटल बोर्ड का नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। यदि किसी स्कूल में इसका प्रयोग नहीं पाया गया, तो संबंधित स्कूल मुखिया और क्लास इंचार्ज को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। यह कदम बच्चों को डिजिटल सुविधाओं का पूरा लाभ दिलाने और पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उठाया गया है।

इस निर्णय से न सिर्फ छात्रों की सीखने की प्रक्रिया सुधरेगी, बल्कि शिक्षकों को भी पढ़ाई के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग करने की आदत होगी। डिजिटल बोर्ड से शिक्षा में नयापन आएगा और बच्चों को कठिन विषय आसानी से समझ में आएंगे। यह कदम हरियाणा में शिक्षा क्षेत्र को तकनीकी दृष्टि से मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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सुनील कुमार
About the Author सुनील कुमार

सुनील कुमार (Best E News) हरियाणा की क्षेत्रीय खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनकी प्राथमिकता क्षेत्र की महत्वपूर्ण घटनाओं, जनसमस्याओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को पाठकों तक पहुंचाना है। View all posts by सुनील कुमार →

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