Haryana News: हरियाणा सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े वर्ग के परिवारों के लिए एक बड़ा राहत भरा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि को ₹41,000 से बढ़ाकर ₹51,000 कर दिया गया है। यह सहायता राशि बेटी की शादी के समय “कन्यादान” स्वरूप में दी जाती है और इसका उद्देश्य गरीब परिवारों को विवाह खर्च में राहत देना है।Haryana News
Haryana News किसे मिलेगा लाभ?
इस योजना का लाभ उन पिछड़ा वर्ग (OBC) और जरूरतमंद परिवारों को मिलेगा:
जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय ₹1.80 लाख या उससे कम हो।
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बेटी की उम्र 18 वर्ष या अधिक हो, और उसकी विवाह की तिथि से 6 माह के भीतर विवाह का पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराया गया हो।
सरकार ने यह शर्त भी जोड़ी है कि कानूनी विवाह पंजीकरण अब अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाई जा सके। इस निर्णय से 1.80 लाख रुपए तक की वार्षिक आय वाले 16 लाख 65 हजार परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
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कैसे करें आवेदन?
योजना की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है, जिससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
👉 आवेदन के लिए पोर्टल: http://shadi.edisha.gov.in
👉 पोर्टल पर आवश्यक दस्तावेज, शर्तें, और निर्देश उपलब्ध हैं।
👉 आवेदक को अपनी बेटी की आयु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), और विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा।
इस योजना का उद्देश्य
सरकार के अनुसार यह योजना न केवल आर्थिक सहयोग है, बल्कि “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ”, बेटियों को समान अधिकार और सामाजिक सम्मान देने की दिशा में एक अहम पहल है। इस निर्णय से हजारों जरूरतमंद परिवारों को लाभ मिलेगा और बेटियों के विवाह को लेकर आर्थिक दबाव में भी कमी आएगी।
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यह योजना उन परिवारों के लिए खासतौर पर राहत लेकर आई है जो सीमित आय के कारण अपनी बेटियों की शादी में कठिनाइयों का सामना करते हैं।

