गुरूवार, 5 नवम्बर 2026

Haryana News: हरियाणा के खेतों में बासमती किसानों की चिंता, पैदावार घटी तो मंडियों में दाम भी गिरे

Written by: सुनील कुमार

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Haryana News: हरियाणा में बासमती धान की कटाई का काम जोरों पर है। खेतों में कंबाइन मशीनें लगातार चल रही हैं और किसान अपनी मेहनत की फसल लेकर मंडियों में पहुंच रहे…


Haryana News: हरियाणा के खेतों में बासमती किसानों की चिंता, पैदावार घटी तो मंडियों में दाम भी गिरे
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Haryana News: हरियाणा में बासमती धान की कटाई का काम जोरों पर है। खेतों में कंबाइन मशीनें लगातार चल रही हैं और किसान अपनी मेहनत की फसल लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं। लेकिन इस बार किसानों के चेहरों पर मुस्कान नहीं, बल्कि निराशा साफ झलक रही है।

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सांपला मंडी में किसानों की व्यथा

रोहतक जिले की सांपला अनाज मंडी में 1121 और 1718 किस्म का धान लेकर पहुंचे किसानों ने बताया कि इस बार बारिश सामान्य से ज्यादा हुई थी। उन्हें उम्मीद थी कि इससे फसल बेहतर होगी, लेकिन नतीजा उल्टा निकला। खेतों में पानी भरने से कई जगह फसल को नुकसान पहुंचा और पैदावार उम्मीद से कम रही।

पैदावार और दाम दोनों गिरे

किसानों ने बताया कि पिछले साल जहां प्रति एकड़ 15 से 20 क्विंटल तक पैदावार हुई थी, वहीं इस बार सिर्फ 13 से 15 क्विंटल प्रति एकड़ ही उत्पादन हुआ है। ऊपर से मंडियों में दाम भी निराशाजनक हैं। सांपला मंडी में 1121 बासमती का भाव इस समय 3500 रुपए प्रति क्विंटल तक मिल रहा है, जबकि पिछले साल यही भाव 4000 रुपए प्रति क्विंटल तक था।

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महंगाई से बढ़ी परेशानी

किसानों का कहना है कि जब पैदावार और दाम दोनों घटे हैं, वहीं खाद, बीज और कीटनाशक की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में खेती करना घाटे का सौदा बन गया है। किसान सरकार से मांग कर रहे हैं कि बासमती धान के उचित दाम तय किए जाएं और बारिश से प्रभावित फसलों का मुआवजा दिया जाए।

गुणवत्ता पर असर से भाव में गिरावट

किसानों के अनुसार इस बार ज्यादा बारिश के कारण धान की गुणवत्ता पर असर पड़ा है, जिससे मंडियों में खरीददार भी कम दाम पर सौदे कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि मेहनत वही रही, लेकिन मौसम ने उनकी उम्मीदें तोड़ दीं। अब उन्हें सरकार से राहत की उम्मीद है ताकि नुकसान की भरपाई हो सके।

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सुनील कुमार
About the Author सुनील कुमार

सुनील कुमार (Best E News) हरियाणा की क्षेत्रीय खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनकी प्राथमिकता क्षेत्र की महत्वपूर्ण घटनाओं, जनसमस्याओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को पाठकों तक पहुंचाना है। View all posts by सुनील कुमार →

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