मंगलवार, 3 नवम्बर 2026

गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था पर फ्रांसीसी महिला का फूटा गुस्सा, सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन को बताया “टाइफाइड का स्वर्ग

Written by: PK Chauhan

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गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था को लेकर एक फ्रांसीसी महिला मैथिलडे आर ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने गुरुग्राम के व्यस्ततम क्षेत्रों में से एक सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन और…


फ्रांसीसी महिला ने साइबर सीटी में सफाई व्यवस्था की खोली पोल
फ्रांसीसी महिला ने साइबर सीटी में सफाई व्यवस्था की खोली पोल
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गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था को लेकर एक फ्रांसीसी महिला मैथिलडे आर ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने गुरुग्राम के व्यस्ततम क्षेत्रों में से एक सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन और इसके आसपास के इलाके का दौरा कर वहां की गंदगी, अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल दी। महिला ने दौरे के दौरान देखी गई तस्वीरें और अनुभव ट्विटर पर साझा किए, जो तेजी से वायरल हो रहे हैं।

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मैथिलडे ने लिखा कि गुरुग्राम नगर निगम (@MunCorpGurugram) द्वारा चलाए जा रहे सघन सफाई अभियान के तहत जब नागरिकों से सुझाव मांगे गए, तो उन्होंने खुद शहर के सबसे गंदे इलाकों में से एक – सिकंदरपुर मार्केट का दौरा किया। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र गुरुग्राम की हाई-टेक साइबर सिटी से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित है और यहां का मेट्रो स्टेशन शहर का प्रमुख प्रवेश द्वार भी है, लेकिन सफाई की हालत बेहद दयनीय है।

उन्होंने लिखा कि महज 20 मिनट के अंदर उन्होंने ऐसे दृश्य देखे जो “बेहद परेशान करने वाले” थे। सड़कें हरे रंग के सीवेज से भरी हुई थीं, जिससे उन्हें उल्टी तक आ गई। जगह-जगह खुले कूड़ेदान, सड़ता हुआ कचरा और रुका हुआ पानी था—जिसे उन्होंने “टाइफाइड के लिए स्वर्ग” बताया। फुटपाथों पर अतिक्रमण इतना अधिक है कि चलना भी मुश्किल हो गया है, और ग्रीन बेल्ट पूरी तरह से दुकानों व ठेलों के कब्जे में है, जहां एक भी पौधा नहीं दिखा।

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महिला ने आरोप लगाया कि इलाके की वर्षों से सफाई नहीं हुई और स्थानीय दुकानदारों ने भी यही पुष्टि की। उन्होंने देखा कि मेट्रो स्टेशन के बाहर दो महिलाएं झाड़ू लगा रही थीं, जिनके पास ना तो कोई कचरा उठाने की व्यवस्था थी, न सुरक्षात्मक उपकरण। एक बार तो झाड़ू से उड़ती धूल सीधे उनके चेहरे पर आ गई, जिससे स्पष्ट था कि यह सिर्फ एक “प्रतीकात्मक सफाई” थी और असल में गंदगी एक जगह से दूसरी जगह सरकाई जा रही थी।

मैथिलडे ने कहा कि “मैं झूठ नहीं बोलूंगी, कभी-कभी यह समझना मुश्किल हो जाता है कि ऐसी स्थिति संभव भी कैसे है। यह सब अवास्तविक लगता है—जैसे आखिर यहां हो क्या रहा है?” उन्होंने नगर निगम और प्रशासन से वास्तविक व प्रभावी सफाई व्यवस्था लागू करने की मांग की।

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सोशल मीडिया पर महिला की पोस्ट पर बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिक्रिया दी है, और कई स्थानीय लोगों ने उनके अनुभवों की पुष्टि करते हुए प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है।

PK Chauhan
About the Author PK Chauhan

मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे Best E News पर अपडेट की जाती है। View all posts by PK Chauhan →

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