मंगलवार, 3 नवम्बर 2026

Shriram Katha: यज्ञोपवीत धारण से जीवन में आते है संस्कार ओर अनुशासन: गोपालाचार्य महाराज

Written by: PK Chauhan

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 Shriram Katha :  धारूहेड़ा: नंदरामपुर बास रोड स्थित गायत्री मंदिर के निकट आयोजित श्रीराम कथा में (Shriram Katha) शनिवार को यज्ञोपवीत संस्कार और शुभ मुहूर्त की महत्ता को लेकर विशेष मंचन किया…


यज्ञोपवीत धारण से जीवन में आते है संस्कार ओर अनुशासन: गोपालाचार्य महाराज
यज्ञोपवीत धारण से जीवन में आते है संस्कार ओर अनुशासन: गोपालाचार्य महाराज
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 Shriram Katha :  धारूहेड़ा: नंदरामपुर बास रोड स्थित गायत्री मंदिर के निकट आयोजित श्रीराम कथा में (Shriram Katha) शनिवार को यज्ञोपवीत संस्कार और शुभ मुहूर्त की महत्ता को लेकर विशेष मंचन किया गया। भागवत सेवा समिति धारूहेड़ा और लड्डू गोपाल परिवार के संयुक्त तत्वावधान में चल रही इस कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। Shriram Katha

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धार्मिक आयोजन के दौरान पारंपरिक मंचन के माध्यम से बताया गया कि सनातन परंपरा में यज्ञोपवीत धारण केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि जीवन को संस्कार, अनुशासन और ज्ञान की दिशा में आगे बढ़ाने का माध्यम है। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की उपस्थिति से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। Shriram Katha

कथा वाचक गोपालाचार्य महाराज ने यज्ञोपवीत संस्कार के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यज्ञोपवीत धारण व्यक्ति को द्विज बनने का बोध कराता है, जिसका अर्थ है ज्ञान और संस्कार के साथ नए जीवन की शुरुआत। यह संस्कार व्यक्ति को ऋषि ऋण, देव ऋण और पितृ ऋण की स्मृति कराता है, जिससे उसका आचरण शुद्ध होता है

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मै पीके चौहान पिछले 6 साल में पत्रकारिता में कार्यरत हूं। मेरे द्वारा राजनीति, क्राइम व मंनोरजन की खबरे Best E News पर अपडेट की जाती है। View all posts by PK Chauhan →

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