
रेवाड़ी: सीजेपी द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रदेश महासचिव रामकृष्ण महलावत को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। उनके साथ बावल हलका प्रधान महेंद्र सिंह को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में हलचल रही। सोशल मिडिया पर चर्चा हो रही है ये तानाशाही है या फिर प्रशासन की मजबूरी।
रवाना होने से पहल ही किया अरेस्ट: रामकृष्ण महलावत शनिवार सुबह करीब 7 बजे अपने साथियों के साथ दिल्ली के लिए रवाना होने वाले थे। इसकी भनक लगने पर थाना प्रभारी रणवीर पुलिस टीम के साथ उनके आवास पर पहुंच गए। पुलिस ने दिल्ली रवाना होने से पहले ही महलावत को हाउस अरेस्ट कर लिया। बताया जा रहा है बावल से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली जाने वाले थे ऐसे में सारा कार्यक्रम रद्द हो गया है।
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योजना पर फिरा पानी: महलावत और उनके साथियों की दिल्ली जाने की योजना थी, लेकिन पुलिस ने पहले ही कार्रवाई करते हुए उन्हें घर से बाहर निकलने से रोक दिया। मौके पर पुलिस की मौजूदगी बनी हुई है। पुलिसकर्मी उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं, ताकि वे प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना न हो सकें।
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हाउस अरेस्ट का अर्थ और प्रकार
• कानूनी सजा के रूप में: अदालत किसी अपराधी या विचाराधीन कैदी को सजा के विकल्प के रूप में घर में रहने का आदेश देती है। इस दौरान उसे केवल चिकित्सीय (मेडिकल) या विशेष अनुमति प्राप्त जरूरी कामों के लिए ही बाहर जाने की छूट होती है।
• प्रशासनिक या एहतियाती कार्रवाई के रूप में: कानून-व्यवस्था बनाए रखने या किसी बड़े विरोध प्रदर्शन/आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस द्वारा नेताओं, कार्यकर्ताओं या आंदोलनकारियों को उनके घरों में ही रोक दिया जाता है।
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