गुरूवार, 22 अक्टूबर 2026

रोडवेज की Happy Card योजना बनी दुखी कार्ड, 10 महीने से नहीं हुआ कोई वितरण

Written by: सुनील कुमार

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हरियाणा में शुरू की गई Happy Card योजना का असली लाभ अभी तक लोगों तक पहुंच नहीं पाया है। पिछले साल जो हैप्पी कार्ड बने थे वे अभी तक लोगों में बांटे…


रोडवेज की Happy Card योजना बनी दुखी कार्ड, 10 महीने से नहीं हुआ कोई वितरण
रोडवेज की Happy Card योजना बनी दुखी कार्ड, 10 महीने से नहीं हुआ कोई वितरण
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हरियाणा में शुरू की गई Happy Card योजना का असली लाभ अभी तक लोगों तक पहुंच नहीं पाया है। पिछले साल जो हैप्पी कार्ड बने थे वे अभी तक लोगों में बांटे नहीं गए हैं। हैरानी की बात यह है कि बीते दस महीनों से नए हैप्पी कार्ड भी राज्य के डिपो तक नहीं पहुंच पाए हैं। रोडवेज कर्मचारियों ने गांवों में जाकर घोषणा भी की कि लोग कार्ड लेने आएं लेकिन लोगों की रुचि कम दिखाई दे रही है। रोज़ाना केवल 10 से 12 लोग ही डिपो पहुंच रहे हैं।

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रोडवेज के अधिकारियों के अनुसार जो कार्ड मुख्यालय में पेंडिंग हैं उनकी जांच फैमिली आईडी और आधार कार्ड के आधार पर की जा रही है। उसके बाद ही उन्हें डिपो भेजा जाएगा। अधिकारियों ने यह भी बताया कि कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने कार्ड बनवा लिए हैं लेकिन वे लेने नहीं आ रहे जबकि जो लोग अब तक कार्ड नहीं बनवा पाए हैं वे बार-बार डिपो आकर आवेदन कर रहे हैं। यह स्थिति खुद प्रशासन के लिए भी अजीब बनी हुई है।

निजी और किलोमीटर बेस्ड बसों में भी मान्य हो कार्ड

Happy Card धारकों का कहना है कि यह योजना अच्छी है लेकिन इसे केवल रोडवेज बसों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। डबूर कॉलोनी के सतीश कुमार, बावड़ी गेट के राजेश कुमार, हनुमान गेट के रोहित और राकेश का कहना है कि अगर सरकार इसे निजी बसों और किलोमीटर आधारित बसों में भी मान्य कर दे तो यह और उपयोगी हो जाएगी। अभी की स्थिति में केवल कुछ रूट पर ही कार्ड का इस्तेमाल हो पा रहा है जिससे लोगों की रुचि कम हो रही है।

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सरकार की मंशा अच्छी पर ज़मीनी अमल कमज़ोर

लोगों का कहना है कि सरकार की योजना हैप्पी कार्ड को लेकर अच्छी है लेकिन इसके अमल में काफी खामियां हैं। अभी तक कार्ड समय पर नहीं पहुंचे और जो पहुंचे भी हैं वे लोगों तक नहीं बांटे गए। कई जगहों पर डिपो स्टाफ की कमी भी एक कारण बनी है। अब जरूरत इस बात की है कि सरकार कार्ड वितरण की प्रक्रिया को तेज़ करे और योजना को ज्यादा प्रभावशाली बनाने के लिए निजी बसों में भी कार्ड को मान्यता दे।

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सुनील कुमार
About the Author सुनील कुमार

सुनील कुमार (Best E News) हरियाणा की क्षेत्रीय खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनकी प्राथमिकता क्षेत्र की महत्वपूर्ण घटनाओं, जनसमस्याओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को पाठकों तक पहुंचाना है। View all posts by सुनील कुमार →

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