
रेवाड़ी (Best E News) नागपुर स्टेशन की तर्ज पर रेवाड़ी रेलवे स्टेशन को डिजिटल बनाया जाएगा। स्टेशन पर डिजिटल मार्गदर्शक लगाने की योजना को मंजूरी मिल गई हैं । रेवाड़ी स्टेशन पर टच-स्क्रीन कियोस्क लगाए जाएंगे। जिससे यात्री रेवाड़ी रेलवे जंक्शन पर ट्रेन पकड़ने के लिए प्लेटफॉर्म, टिकट घर या वेटिंग हॉल तलाशने में यात्रियों को भटकना ना पड़े। इनता इसके चलते व्हीलचेयर रैंप, सुलभ शौचालय और विशेष लिफ्ट जैसी सुविधाओं की जानकारी भी उपलब्ध होगी।
क्यूआर कोड स्कैन पर मिलेगी हर जानकारी:स्टेशन पर पहली बार आने वाले यात्रियों को अक्सर प्लेटफॉर्म और दूसरी सुविधाओं का रास्ता तलाशने में परेशानी होती है। ट्रेन छूटने की जल्दी में उन्हें दूसरों से रास्ता पूछना पड़ता है। क्यूआर कोड स्कैन करके अपने मोबाइल पर भी दिशा देख सकेंगे। उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल की इस योजना में रेवाड़ी के साथ अलवर जंक्शन को भी शामिल किया गया है। रेलवे का लक्ष्य दोनों स्टेशनों पर इसी वित्तीय वर्ष में यह सुविधा शुरू करने का है।
रेलवे प्रशासन नागपुर स्टेशन पर इस्तेमाल किए जा रहे डिजिटल नेविगेशन मॉडल की तर्ज पर रेवाड़ी और अलवर में यह सुविधा विकसित करेगा। दोनों स्टेशनों के मुख्य सर्कुलेटिंग एरिया यानी प्रवेश द्वार के आसपास कियोस्क लगाने की योजना है, ताकि स्टेशन परिसर में पहुंचते ही यात्री इनका उपयोग कर सकें।
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डिजिटल मार्गदर्शक से ऐसी परेशानी कम होने की उम्मीद है। बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को भी जरूरी सुविधाओं की लोकेशन तलाशने में मदद मिलेगी। व्हीलचेयर रैंप, सुलभ शौचालय और विशेष लिफ्ट जैसी सुविधाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराने की योजना है।
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डिजिटल मार्गदर्शक में स्टेशन परिसर का नक्शा और सुविधाओं की लोकेशन उपलब्ध रहेगी। यात्री टच-स्क्रीन पर अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुन सकेंगे। इसमें प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर, पूछताछ केंद्र, वेटिंग हॉल, विश्राम कक्ष, फुट ओवरब्रिज, लिफ्ट, एस्केलेटर, खानपान स्टॉल और निकास द्वार तक पहुंचने की जानकारी मिलेगी। क्यूआर कोड के जरिए यात्री इस जानकारी को अपने स्मार्टफोन पर भी देख सकेंगे।
उत्तर पश्चित रेलवे के जयपुर मंडल के सीनियर डीसीएम भूपेश यादव ने बताया कि यात्रियों का सफर अधिक आरामदायक और सुगम बनाने के लिए यह पहल की जा रही है। रेवाड़ी और अलवर जंक्शन पर डिजिटल मार्गदर्शक लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। रेलवे का लक्ष्य चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक काम पूरा कर यात्रियों को यह सुविधा उपलब्ध कराने का है
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