
रेवाड़ी (Best E News) हरियाणा bjp में गुटगाजी कम नहीं होने का नाम नहीं हो रहा है। एक बार फिर रेवाड़ी नगर परिषद में राजनीति में हलचल शुरू हो गई। कुछ दिन पहले राव इंद्रजीत के खेमे के 10 पार्षदों से दूर हो गए तथा राव नरबीर सिंह से मुलाकात उनके खेमे में शामिल हो गए। इसी को लेकर एक बार फिर राजनीति गरमाई गईं
नगर परिषद के निकाय चुनाव के बाद 28 पार्षदों के राव इंद्रजीत सिंह के समर्थन में होने की बात सामने आई थी। चुनाव में जीत के बाद ये पार्षद रामपुरा हाउस पहुंचे थे, जहां उन्हें पार्टी का पटका पहनाया गया था। इससे माना जा रहा था कि नगर परिषद में राव इंद्रजीत सिंह के समर्थकों का प्रभाव रहेगा।
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राव साहब के खेमे से तोडा नाता: रेवाड़ी नगर परिषद की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। उपप्रधान चुनाव में चेतराम सैनी को 14 वोट मिले थे, जबकि राव इंद्रजीत सिंह के समर्थन वाले निखिल मांडिया को 19 वोट मिले थे। पांच वोटों से चुनाव हारने के बाद अब चेतराम सैनी खेमे के पार्षदों की राव नरबीर सिंह से मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।
उपप्रधान के चलते बदला खेमा: रेवाड़ी नगर परिषद में उपप्रधान चुनाव के बाद शहर की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के समर्थक माने जाने वाले पार्षदों के बीच उभरी खींचतान हो गई। इसी को लेकर रविवार को नगर पार्षद चेतराम सैनी के खेमे के 10 पार्षदों ने गुरुग्राम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह से मुलाकात की, जबकि पहले ये राव साहब के खेमें मे शामिल थे। बताया जा रहा है चेतराम का उपप्रधान बनाने के लिए राव इंद्रजीत ही रोड बने थें
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उपप्रधान चुनाव के दौरान समीकरण बदलने लगे। सैनी सभा के पूर्व प्रधान चेतराम सैनी, जो पहले राव इंद्रजीत सिंह के समर्थक माने जाते थे, निखिल मांडिया को समर्थन दिए जाने के बाद नाराज हो गए। इसके बाद उन्होंने पार्षदों के एक समूह के साथ उपप्रधान पद का चुनाव लड़ा।
