Tuesday, 6 October 2026

लाइफ लाॅन्ग इंडिया धारूहेड़ा में श्रमिकों की मौत को लेकर HC ने सुनाया बड़ा फैसला

Written by: सुनील चौहान

Published:

धारूहेड़ा: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के रेवाड़ी जिले के लाइफ लाॅन्ग इंडिया धारूहेड़ा फैक्टरी में आग लगने से कई श्रमिकों की मौत के मामले बडा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने…


6 मार्च 2024 को लगी थी लाइफ लाॅन्ग इंडिया धारूहेड़ा फैक्ट्री में आग
6 मार्च 2024 को लगी थी लाइफ लाॅन्ग इंडिया धारूहेड़ा फैक्ट्री में आग
Google News Follow us on Google

धारूहेड़ा: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के रेवाड़ी जिले के लाइफ लाॅन्ग इंडिया धारूहेड़ा फैक्टरी में आग लगने से कई श्रमिकों की मौत के मामले बडा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की विशेषज्ञ रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज को केवल इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता कि उन्हें औपचारिक रूप से साक्ष्य के तौर पर प्रमाणित नहीं किया गया है।

Advertisement

आग झुलने से हुई थी कई श्रमिकों की मौत: अदालत ने कहा कि आरोप तय करने और मुकदमे की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों को परखने के कानूनी मानक अलग-अलग हैं। अदालत ने कहा कि उपलब्ध सामग्री से प्रथम दृष्टया यह स्थापित नहीं होता कि आरोपितों को अपने कृत्य से किसी की मृत्यु होने की संभावना का आवश्यक ज्ञान था। हालांकि, अदालत ने लापरवाही से संबंधित धाराओं में कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया।

6 मार्च 2024 को लगी थी लाइफ लाॅन्ग इंडिया धारूहेड़ा फैक्ट्री में आग (FILE PHOTO)
6 मार्च 2024 को लगी थी लाइफ लाॅन्ग इंडिया धारूहेड़ा फैक्ट्री में आग (FILE PHOTO)

6 मार्च 2024 को लगी थी लाइफ लाॅन्ग इंडिया धारूहेड़ा फैक्ट्री में आग
मामला रेवाड़ी जिले के धारूहेड़ा स्थित लाइफ लाॅन्ग इंडिया फैक्टरी का है। यहां 16 मार्च 2024 को भीषण आग लगने से कई श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए थे। बाद में इनमें से कई की मौत हो गई। घायल शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि फैक्टरी के धूल संग्रहण उपकरण में विस्फोट हुआ था।

Advertisement

ये भी पढ़ेंरेवाड़ी: किसानों को मिलेगा सरसों का उत्तम किस्म का बीज, जानिए कहां से खरीदें

 

बता दें कि लाइफलॉन्ग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Lifelong India Private Limited) का मुख्य मैन्युफैक्चरिंग प्लांट (फैक्ट्री) धारूहेड़ा, जिला रेवाड़ी, हरियाणा में स्थित है। यह कंपनी मुख्य रूप से ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स (जैसे प्लास्टिक इंजेक्शन मोल्डिंग पार्ट्स और एल्युमीनियम डाई कास्टिंग) का निर्माण करती है जो हीरो मोटोकॉर्प जैसी बड़ी कंपनियों को सप्लाई किए जाते हैं। इस कंपनी में 6 मार्च 2024 को भयंकर आग लगी थी। आगजनी में झुलसने से कई श्रमिकों की मौत हुई थे। सार श्रमिक बिहार के रहने वाले थे जो एक ठेकेदार के अधीन काम करते थे।

ये भी पढ़ेंबिना नंबर प्लेट वालों पर रेवाड़ी पुलिस की बडी कार्रवाई

6 मार्च 2024 को लगी थी लाइफ लाॅन्ग इंडिया धारूहेड़ा फैक्ट्री में आग (FILE PHOTO)
6 मार्च 2024 को लगी थी लाइफ लाॅन्ग इंडिया धारूहेड़ा फैक्ट्री में आग (FILE PHOTO)

पहले भी दो बार फट चुका था उपकरण: कोर्ट ने कहा है कि उपकरण के रखरखाव में लापरवाही बरती गई और आपातकालीन निकास द्वार भी बंद रखा गया था। पुलिस जांच में दावा किया गया कि संबंधित उपकरण पहले भी दो बार फट चुका था। इसके बावजूद आवश्यक मरम्मत नहीं कराई गई। बता दे कि छह मार्च 2026 को रेवाड़ी की अतिरिक्त सत्र अदालत ने आरोपितों के खिलाफ गंभीर धाराओं में आरोप तय कर दिए थे। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। हाईकोर्ट ने पाया कि अप्रैल 2024 में घटनास्थल का निरीक्षण करने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की विशेषज्ञ टीम को गंभीर लापरवाही का स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला था।

उपकरण में विस्फोट से हुआ था हादसा: सीसीटीवी फुटेज के आधार पर टीम ने संभावना जताई कि आग पॉलिश करने वाली मशीन के पास चिंगारी निकलने से शुरू हुई। चिंगारी ने वहां जमा ज्वलनशील बारीक धूल को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आग का गोला बना और धूल छानने वाले उपकरण में विस्फोट हुआ। हाईकोर्ट ने कहा कि इन तथ्यों से लापरवाही का मामला बन सकता है, लेकिन केवल लापरवाही के आधार पर गैर इरादतन हत्या का आरोप नहीं लगाया जा सकता। इसके लिए कानून में निर्धारित मानसिक तत्व का प्रथम दृष्टया आधार होना आवश्यक है।

बता दे इस आगजनी में 40 से ज्यादा घायल हुए थे जबकि आगजनी में एक माह तक 8 श्रमिकों ने दम तोड दिया था। कुछ दिन तो विवाद बना रहा लेकिन प्रशासन हादसा होने के बावजूद कंपनी को उत्पादन करने की क्लीन चिट दे दी थी। प्रबंधन व प्रसाशन मिली भक्त के चलते आगजनी की वारदाते नही थम रही है।

ये भी पढ़ेंहरियाणा में देवीलाल परिवार में छीडी राजनीतिक जंग, पढिए किसने क्या कहा

 

कंपनी का तर्क, प्रेशर पाइप फटा

हादसे के बाद लाइफलॉन्ग कंपनी  (Log life complay Dharuehera) के महाप्रबंधक सुभाष राणा का कहना है कि प्रेशर पाइप फटने के कारण यह हादसा हुआ है। श्रमिकों पर केमिकल नहीं गिरा है। वाहनों के पार्ट्स से मिट्टी हटाने के लिए डस्ट कलस्टर पाइप होते हैं। इस पाइप में हवा, मिट्टी और पानी होता है। शाम को यह पाइप फटा है। घायल श्रमिकों का इलाज करवाया जा रहा है।

 

मरने वालों में ज्यादातर यूपी के

इस हादसे में मरने वाले ज्यादातर लोग यूपी के रहने वाले है। जिनमें बहराइच निवासी दिनेश (20), सिखरोना निवासी घनश्याम (25), गोंडा निवासी मनोज कुमार (25), अयोध्या निवासी अमरजीत (35), देवानंद (22), मैनपुरी निवासी अजय (32), बहराइच निवासी विजय (37), गोरखपुर निवासी रामू (27), फैजाबाद निवासी राजेश (38), पंकज (35), बिहार निवासी सल्लू (22), नार्थ ईस्ट के सबोली में नंदनगरी मंडोली निवासी दयाशंकर (42) की मौत हो चुकी है। वहीं कंपनी की तरफ से मृतकों के परिवारों को दी जाने वाले मुआवजा राशि बढ़ा दी है। पहले जहां 6 लाख रुपए की राशि दी जा रही थी। अब इसे बढ़ाकर 7 लाख रुपए कर दिया गया है।

 

सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान हरियाणा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव है और वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। View all posts by सुनील चौहान →

Related News

E-Paper