बुधवार, 4 नवम्बर 2026

Haryana सरकार सख्त! बिना रजिस्ट्रेशन वाले प्राइवेट प्ले स्कूल होंगे बंद, 15 दिन में करवाना होगा ऑनलाइन आवेदन

Written by: सुनील कुमार

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Haryana की नायब सैनी सरकार ने अब सभी प्राइवेट प्ले स्कूलों का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य कर दिया है। सरकार का कहना है कि बिना रजिस्ट्रेशन के चलने वाले किसी भी प्ले स्कूल…


Haryana सरकार सख्त! बिना रजिस्ट्रेशन वाले प्राइवेट प्ले स्कूल होंगे बंद, 15 दिन में करवाना होगा ऑनलाइन आवेदन
Haryana सरकार सख्त! बिना रजिस्ट्रेशन वाले प्राइवेट प्ले स्कूल होंगे बंद, 15 दिन में करवाना होगा ऑनलाइन आवेदन
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Haryana की नायब सैनी सरकार ने अब सभी प्राइवेट प्ले स्कूलों का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य कर दिया है। सरकार का कहना है कि बिना रजिस्ट्रेशन के चलने वाले किसी भी प्ले स्कूल को बंद कर दिया जाएगा। यह नियम बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए लागू किया जा रहा है।

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हरियाणा राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य मीना शर्मा ने महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र के सभी निजी प्ले स्कूलों का सर्वे करें। इस सर्वे की रिपोर्ट तीन दिन के अंदर जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में जमा करनी होगी। उन्होंने यह भी साफ कहा कि यदि किसी स्कूल में बच्चों के शोषण का मामला सामने आता है तो तुरंत जिला बाल कल्याण समिति को जानकारी दी जाए ताकि कार्रवाई की जा सके।

अभिभावकों के लिए जरूरी जानकारी

मीना शर्मा ने अभिभावकों से भी अपील की है कि अपने बच्चों को प्ले स्कूल में दाखिला दिलाने से पहले उसकी मान्यता जरूर जांच लें। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा आयोग की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

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रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया

जो भी प्ले स्कूल संचालक अपने स्कूल को चलाना चाहते हैं उन्हें अगले 15 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन सरल हरियाणा पोर्टल saralharyana.gov.in पर करना होगा। इस प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है।

प्ले स्कूलों के लिए नियम

  1. हर कक्षा में शिक्षक और बच्चों का अनुपात 20:1 होना चाहिए और एक देखभालकर्ता भी मौजूद होना जरूरी है।
  2. स्कूल में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए और बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कर्मचारी हों।
  3. बच्चों की न्यूनतम आयु 3 साल और अधिकतम आयु 6 साल तय की गई है।
  4. रोजाना पढ़ाई का समय 3 से 4 घंटे होना चाहिए और प्रत्येक कक्षा में पर्याप्त शिक्षा सामग्री मौजूद हो।
  5. प्राथमिक चिकित्सा के लिए मेडिसिन किट, ORS पैकेट और तिमाही स्वास्थ्य जांच की सुविधा होनी चाहिए।
  6. बच्चों के खेलने के लिए खेल सामग्री जरूर होनी चाहिए।
  7. लड़के और लड़कियों के लिए अलग शौचालय और साफ पीने का पानी उपलब्ध होना चाहिए।
  8. बच्चों के लिए आराम करने की जगह, उचित वेंटिलेशन और खुला क्षेत्र होना चाहिए।
  9. स्कूलों को बच्चों और स्टाफ का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा जैसे नामांकन फॉर्म, माता-पिता की जानकारी, उपस्थिति रजिस्टर, स्वास्थ्य जांच रिकॉर्ड और स्टॉक रजिस्टर।
सुनील कुमार
About the Author सुनील कुमार

सुनील कुमार (Best E News) हरियाणा की क्षेत्रीय खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनकी प्राथमिकता क्षेत्र की महत्वपूर्ण घटनाओं, जनसमस्याओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को पाठकों तक पहुंचाना है। View all posts by सुनील कुमार →

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