
Haryana Roadways Buses में सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही टिकट खरीदने के लिए डिजिटल भुगतान की सुविधा मिलने जा रही है। परिवहन विभाग ने इसके लिए एक एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी है, जो बस टिकटों के लिए यूपीआई (Unified Payments Interface) और अन्य डिजिटल माध्यमों से भुगतान करने हेतु क्यूआर कोड तैयार करेगी। विभाग का लक्ष्य अगले दो हफ्तों में क्यूआर कोड तैयार करना है, जबकि साइबर सुरक्षा से जुड़ा काम 15 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद यात्री आसानी से डिजिटल भुगतान के जरिए टिकट खरीद सकेंगे।
यह पहल हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज के निर्देश पर शुरू की गई है। विभाग की योजना के अनुसार, यात्री जब भी डिजिटल भुगतान करेंगे, उसी समय ई-टिकट मशीन से उनका टिकट जेनरेट होगा। खास बात यह है कि हर टिकट पर एक नया क्यूआर कोड प्रिंट होगा। यह सिस्टम न केवल यात्रियों को डिजिटल सुविधा देगा, बल्कि टिकट प्रणाली को और भी पारदर्शी बनाएगा।
इस नई व्यवस्था से टिकट धोखाधड़ी पर भी रोक लगेगी। क्यूआर कोड में बस नंबर, टिकट का स्रोत और गंतव्य जैसी जानकारियां मौजूद होंगी। जब इसे ई-टिकट मशीन से स्कैन किया जाएगा तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि टिकट कहां से कहां तक के लिए जारी किया गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कोई भी यात्री एक ही टिकट का दूसरी बार उपयोग नहीं कर पाएगा।
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सरकार का मानना है कि इस डिजिटल बदलाव से जहां यात्रियों को सुविधा मिलेगी, वहीं टिकटिंग सिस्टम अधिक सुरक्षित और आधुनिक हो जाएगा। नकद भुगतान की झंझट खत्म होगी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। हरियाणा रोडवेज की यह पहल राज्य के परिवहन क्षेत्र में तकनीकी सुधार की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी।
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