
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के गंभीर मामले में फंसे तहसीलदार मंजीत मलिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मंजीत मलिक पिछले चार महीने से फरार था और उसे इनामी आरोपी तक घोषित किया जा चुका था। सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए उसे अंबाला डीसी कार्यालय में अटैच कर दिया है।
गौरतलब है कि फरवरी माह में कैथल के गुहला में पदस्थापित तहसीलदार मंजीत मलिक पर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिश्वतखोरी का केस दर्ज किया था। ACB ने एक क्लर्क को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था, लेकिन जैसे ही तहसीलदार मंजीत को इस कार्रवाई की भनक लगी, वह मौके से भाग निकला और तब से फरार था।
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चौंकाने वाली बात यह रही कि फरारी के समय मंजीत मलिक की ड्यूटी नगरपालिका चुनाव में बतौर असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर लगी हुई थी, जिसे वह अचानक छोड़कर अंडरग्राउंड हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने पहले उसका तबादला कैथल के गुहला से भिवानी जिले के तोशाम विधानसभा क्षेत्र (जहां से मंत्री श्रुति चौधरी विधायक हैं) कर दिया था, लेकिन उसकी गिरफ्तारी न होने पर अब उसे सस्पेंड कर दिया गया है। अब देखना होगा कि ACB आगे इस मामले में आरोपी को कब तक हिरासत में ले पाती है।
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