
हरियाणा (Best E News) जिला रेवाड़ी के गांव डहीना की सरपंच पिकी देवी एक बार फिर सुखियों आ गई है। बता दे कि आमतौर पर लोग दुनिया के सबसे लंबे, सबसे तेज या किसी स्पेशल कारनामों के लिए ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में नाम दर्ज कराने का आवेदन करते हैं। हरियाणा के रेवाड़ी जिले में सरंपच पद से हटाई गई महिला ने अपने खिलाफ हुई बार-बार सस्पेंशन की कार्रवाई को लेकर गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन किया है। बता दे कि पिंकी देवी का गिनीज रिकॉर्ड के लिए किया गया आवेदन अब इस पूरे मामले को अलग वजह से चर्चा में ले आया है।
उनका दावा प्रशासनिक कार्रवाई की संख्या और कम अवधि में हुई कार्रवाई पर आधारित है। सरपंच का दावा है कि उनके एक ही कार्यकाल के दौरान जिस तरह बार-बार सस्पेंशन, फिर बहाली और फिर पद से हटाने जैसी प्रशासनिक कार्रवाइयां हुई हैं, वैसा अनोखा और असाधारण मामला देश-दुनिया की किसी निर्वाचित पंचायत में शायद ही मिला हो। उन्होंने अपने कार्यकाल में हुई कार्रवाई की डिटेल को भी रिकॉर्ड के रूप में भेजा है। हालांकि, उनका आवेदन स्वीकार होगा या नहीं और रिकॉर्ड का शीर्षक मान्य होगा या नहीं, यह गिनीज की जांच और उसके तय मानकों पर निर्भर करेगा। मगर, सरपंच का आवेदन अब इस पूरे मामले को चर्चा में ले आया है।

जानिए कैसे करें वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का दावा
- जिस भी बुक में रिकॉर्ड दर्ज करवाना चाहते हैं उसकी टीम से ईमेल आईडी, वेबसाइट या कॉन्टैक्ट नंबर से संपर्क कर सबसे पहले ये पता करिए कि जिस काम के लिए आप रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं उसमें पहले से क्या कोई रिकॉर्ड बना है या नहीं, अगर कोई रिकॉर्ड बन चुका है तो आपको उसे तोड़ने का लक्ष्य निर्धारित करना होगा।
- जिस भी काम के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं उसे साबित करने के लिए डॉक्यूमेंट और वीडियो सबमिट करना होगा। रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट देने वाली टीम को भी रिकॉर्ड बनाने के दौरान आमंत्रित कर सकते हैं। टीम बुलाने पर रहने-खाने का खर्च आपको उठाना पड़ेगा।
- गिनीज बुक में अपने नाम रिकॉर्ड दर्ज करवाने के लिए guinnessworldrecords.com/contact/application-enquiry पर विजिट करें।
- लिम्का बुक में रिकॉर्ड दर्ज करने के लिए www.coca-colaindia.com/stories/set-a-record पर आवेदन करें।
- गोल्डन बुक में नाम दर्ज करवाने goldenbookofrecords.com/set-a-record/ पर विजिट करें। स्टेट रिप्रजेंटेटिव सोनल शर्मा से 9826706405 पर संपर्क कर सकते हैं।
- चैंपियंस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए championsbookofworldrecords.com/set_a_record.php पर आवेदन कर सकते हैं।
बता दे कि नवंबर, 2022 में पिकी डहीना की सरपंच चुनी गई थीं । हरियाणा में पंचायती राज संस्थाओं (सरपंच और पंच) के चुनाव नवंबर 2022 में तीन चरणों में आयोजित किए गए थे। रेवाड़ी जिले में पंचायत चुनाव का मतदान 12 नवंबर 2022 को हुआ था। रेवाड़ी जिले की डहीना ग्राम पंचायत से पिंकी सरपंच चुनी गई थीं। डहीना गांव में कुल लगभग 6400 वोट हैं। पिंकी को 1500 वोट मिले थे।
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जून 2025 में हुई थी कार्रवाई : रेवाड़ी जिले के डहीना गांव की सरपंच रह चुकीं पिंकी देवी के खिलाफ पहली बड़ी कार्रवाई जून 2025 में हुई थी। 14 जून 2025 को रेवाड़ी के तत्कालीन डीसी ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम की धारा 51(1)(ए) के तहत उन्हें निलंबित किया था। प्रशासन की ओर से उन पर सरकारी आदेशों की अवहेलना, पंचायत निधि से निजी जमीन पर टाइल लगाने और कर्तव्यों में लापरवाही समेत कई आरोप लगाए गए थे। निलंबन के साथ उन्हें ग्राम पंचायत की बैठकों में शामिल नहीं होने और पंचायत का रिकॉर्ड व संपत्ति सौंपने के निर्देश दिए गए थे।
आदेश को चुनौती दी, कमिश्नर ने किया बहाल : इसके बाद पिंकी ने डीसी की इस कार्रवाई को चुनौती दी। मामले की सुनवाई गुरुग्राम मंडलायुक्त ने की। सुनवाई के बाद उन्हें बहाल कर दिया गया। पिंकी का यह भी दावा है कि बाद की कार्रवाई के मामलों में उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से भी राहत मिली।
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मार्च 2026 में फिर दोबारा किया गया सस्पेंड : पिंकी के मुताबिक, मार्च 2026 में दोबारा निलंबन की कार्रवाई की गई। इस बार रेवाड़ी डीसी ने अनियमितताओं और लापरवाही के आरोपों के आधार पर उन्हें निलंबित किया गया। इसके बाद पिंकी ने आरोपों को खारिज करते हुए स्थानीय सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। छह माह पहले हुई ग्रीवेंस कमेटी की मीटिंग में मंत्री विपुल गोयल के सामने पिंकी ने भ्रष्टाचार, कामों में बाधा जलाने और मनमर्जी करने के आरोप लगाए थे।
सितंबर 2026 को सरपंच पद से हटाया गया : इसके बाद प्रशासन ने 2 सितंबर 2026 को पिंकी को सरपंच पद से हटा दिया गया। साथ ही तीन साल तक पंचायती राज चुनाव लड़ने पर भी रोक लगा दी गई। साथ ही उन्हें भविष्य की ग्राम पंचायत बैठकों में शामिल नहीं होने और पंचायत का चार्ज और संपत्ति बहुमत से चुने गए पंच को सौंपने के निर्देश दिए गए। हरियाणा में शायद यह पहली सरपंच है जिसे इतनी जयादा सस्पेंड किया ओर राजनेताओ को करारा जबाब देते हुए वह बहाल भी हुई।
