रेवाड़ी: हरियाणा में किसानों के साथ गलत हो रहा है। हरियाणा सरकार की ओर से घोषणा के बावजूद किसानों का बाजरा न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं लिया जा रहा है। (एमएसपी) पर सरकारी खरीद शुरू कराने की मांग को लेकर जय किसान आंदोलन से जडे लोग अनिश्चितकालीन धरनो पर बैठे हुए है। बुधवार को 13वें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता जिला सचिव मास्टर धर्म सिंह ने की, जबकि संचालन विधानसभा अध्यक्ष बाबूलाल ने किया।
कागजों में घोषणा, धरातल पर कुछ नहीं: धरने के दौरान आंदोलन से जुड़े किसानों ने रेवाड़ी अनाज मंडी का दौरा कर बाजरे की खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। किसानों ने कहा कि 7 अक्तूबर तक सरकार की ओर से एमएसपी पर बाजरे का एक भी दाना नहीं खरीदा गया है। इसके बावजूद अधिकारियों और मंत्रियों की ओर से जल्द सरकारी खरीद शुरू करने का आश्वासन दिया जा रहा है।
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सस्ते दामों में ले रहा बाजरा: जय किसान आंदोलन के पदाधिकारियों ने कहा कि किसान पिछले कई दिनों से अपनी फसल कम कीमत पर बेचने को मजबूर हैं। मंडी में बाजरा करीब 2000 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रहा है। किसानों ने सवाल उठाया कि भावांतर योजना के तहत उन्हें कितना लाभ मिलेगा और यह राशि कब तक मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022-23 का भावांतर भी कई किसानों को अभी तक नहीं मिला है।
धरने के दौरान आंदोलन से जुड़े किसानों ने रेवाड़ी अनाज मंडी का दौरा कर बाजरे की खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। किसानों ने कहा कि 7 अक्तूबर तक सरकार की ओर से एमएसपी पर बाजरे का एक भी दाना नहीं खरीदा गया है। इसके बावजूद अधिकारियों और मंत्रियों की ओर से जल्द सरकारी खरीद शुरू करने का आश्वासन दिया जा रहा है।

