
रेवाड़ी: शहीद दीन दयाल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मसानी में 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का जिला स्तरीय अधिवेशन उत्साह के साथ आयोजित किया गया। रेवाड़ी जिले में पहली बार आयोजित इस अधिवेशन की मेजबानी मसानी विद्यालय ने की। विद्यालय की प्राचार्य डॉ. नम्रता सचदेवा की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में करीब 60 सरकारी एवं निजी विद्यालयों की टीमों ने जूनियर और सीनियर वर्ग में भाग लिया। विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक परियोजनाओं, रचनात्मक विचारों और नवाचार के माध्यम से प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में जिला परियोजना समन्वयक (DPC) श्रीमती संतोष तंवर मुख्य अतिथि और जिला विज्ञान विशेषज्ञ (DSS) श्रीमती रेनू विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की नोडल अधिकारी श्रीमती अनीता रहीं, जबकि श्री मनोज ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी।
मुख्य अतिथि संतोष तंवर ने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने, जिज्ञासु बनने और दैनिक जीवन की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान विद्यार्थियों को तथ्यों के आधार पर सोचने, प्रयोग करने और नए विचारों को साकार करने का अवसर देता है।
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जिला विज्ञान विशेषज्ञ रेनू ने कहा कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस विद्यार्थियों को अपने परिवेश का वैज्ञानिक अध्ययन करने, स्थानीय समस्याओं की पहचान करने और उनके समाधान प्रस्तुत करने का मंच प्रदान करती है। ऐसे आयोजन बच्चों में अनुसंधान, तार्किक चिंतन और नवाचार की भावना को मजबूत करते हैं।
विद्यालय की प्राचार्य डॉ. नम्रता सचदेवा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में प्रश्न पूछने, तर्क करने, प्रयोग करने और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता विकसित करना भी है। विज्ञान आधारित गतिविधियां बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और जिम्मेदारी की भावना बढ़ाती हैं।
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