
रेवाड़ी (Best E News) रेवाड़ी जिला जेलमें सीवरेज, बिजली, पेयजल, CCTV कैमरों, भवन की मरम्मत और कर्मचारियों की कमी से जुड़ी समस्याओं का मामला हरियाणा मानवाधिकार आयोग में पहुंच गया है। अधिवक्ता हिमांशु सिराधना की शिकायत संख्या 1262/7/16/2025 पर आयोग ने 23 सितंबर 2026 को आदेश जारी किया। आयोग ने महानिदेशक, कारागार, हरियाणा की ओर से पेश रिपोर्ट की प्रति शिकायतकर्ता को देने और आपत्ति होने पर अगली सुनवाई से पहले दाखिल करने का अवसर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी 2027 को होगी।
385 बंदी, जबकि दो बैरकों की क्षमता 252
जेल अधीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार, बैरक नंबर 4 और 5 में सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या के कारण बंदियों को दूसरी बैरकों में स्थानांतरित करना पड़ा। इससे बैरक नंबर 2 और 3 में बंदियों की संख्या बढ़ गई। रिपोर्ट में इन दोनों बैरकों की संयुक्त क्षमता 252 बताई गई है, जबकि यहां 385 बंदियों को रखे जाने का उल्लेख है। रिपोर्ट में सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त कर दोनों बैरकों को दोबारा इस्तेमाल के योग्य बनाने की जरूरत बताई गई है।
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CCTV और बिजली व्यवस्था में भी कमियां
रिपोर्ट में जेल में लगे 48 CCTV कैमरों के बावजूद कुछ स्थानों पर पर्याप्त निगरानी नहीं होने की बात कही गई है। ऐसे स्थानों पर अतिरिक्त कैमरे लगाने का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अलावा कुछ बैरकों, अस्पताल और सुरक्षा प्रकोष्ठ की लॉकिंग व्यवस्था में कमियां बताई गई हैं। प्रशासनिक भवन और आंतरिक दीवारों में दरारें, खराब स्ट्रीट लाइटें, खुले बिजली के तार, अधूरे बिजली कार्य और आपातकालीन सायरन की कमी का भी उल्लेख किया गया है।
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पेयजल और भवन मरम्मत की जरूरत
जेल अधीक्षक की रिपोर्ट में सुरक्षा बुर्जों पर पानी की क्षतिग्रस्त टंकियों, दीवारों की खराब पेंटिंग और एक्सपेंशन जॉइंट की प्लेटों से जुड़ी समस्याओं का भी जिक्र है। रिपोर्ट में इन कमियों को दूर करने के लिए मरम्मत और तकनीकी जांच की जरूरत बताई गई है। नई जिला जेल का निर्माण लोक निर्माण विभाग ने करवाया था और इसका उद्घाटन 15 जून 2025 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया था। दस्तावेजों के अनुसार, जेल की स्वीकृत क्षमता 952 बंदियों की है।
45 स्वीकृत पद, 65 अतिरिक्त वार्डरों की जरूरत
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रिपोर्ट में वार्डर और हेड वार्डर संवर्ग के 45 स्वीकृत पदों का उल्लेख है। जेल को सुचारू रूप से चलाने के लिए कम से कम 65 अतिरिक्त वार्डरों की आवश्यकता बताई गई है। आयोग के आदेश में हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से राज्य की जेलों में 500 स्वयंसेवी जेल वार्डरों की नियुक्ति को मंजूरी और रेवाड़ी जेल में 70 पद भरने के लिए आदेश जारी होने का भी उल्लेख है। हालांकि, उपलब्ध आदेश में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने की पुष्टि नहीं की गई है।
अधिवक्ता हिमांशु सिराधना ने कहा कि जेल में बंद व्यक्तियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सम्मान के साथ कर्मचारियों को भी सुरक्षित कार्यस्थल और जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने रिपोर्ट में सामने आई कमियों को दूर करने के लिए संबंधित विभागों से जल्द कार्रवाई की अपेक्षा जताई। अब मामले में आयोग के समक्ष रिपोर्ट पर आपत्तियां और आगे की कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी। अगली सुनवाई 18 फरवरी 2027 को निर्धारित है।
