
Haryana: इस बार मानसून की बारिश ने किसानों को राहत देने के बजाय चिंता में डाल दिया है। लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है और ये पानी कई दिनों से जमा हुआ है। खेतों में खड़ी फसलों जैसे कपास, बाजरा, मूंग, ग्वार आदि के लिए यह स्थिति नुकसानदायक बनती जा रही है। गांव के किसानों जैसे दिनेश, सतेंद्र, जयबीर और आनंद ने बताया कि कई जगह तो फसलें मिट्टी में दब गई हैं और बीज भी अंकुरित नहीं हो पाए हैं।
खेती में पानी का लगातार जमा रहना बहुत खतरनाक होता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार अगर तीन दिन तक पानी खेतों में खड़ा रहता है तो फसल की जड़ों में सड़न शुरू हो जाती है। इस स्थिति को “रूट रॉट” कहा जाता है जो फसलों को पूरी तरह नष्ट कर सकता है। जो फसलें छोटी थीं वे तो पूरी तरह मिट्टी में दब चुकी हैं और जो बीज हाल ही में डाले गए थे वे अंकुरित ही नहीं हो पाए। इससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है।
कृषि विभाग की सलाह
कृषि विभाग के डॉक्टर चंद्रभान श्योराण ने बताया कि लगातार पानी भरे रहने से फसलों में बीमारियां फैल सकती हैं। खासकर जड़ सड़न (रूट रॉट) की संभावना बहुत अधिक होती है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि जहां तक संभव हो फसलों में पानी जमा न होने दें। पानी निकालने के लिए खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करें। अगर यह नहीं किया गया तो नुकसान और अधिक बढ़ सकता है।
ये भी पढ़ें:Breaking News: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बडा फैसला, मुख्य सचिव पर लगाया जुर्माना
भविष्य की तैयारी जरूरी
किसानों को चाहिए कि वे जल निकासी के लिए पहले से इंतजाम रखें ताकि मानसून के समय परेशानी न हो। साथ ही, गांव स्तर पर सरकारी महकमे को भी सतर्क रहना चाहिए और जलभराव वाली जगहों की नियमित निगरानी करनी चाहिए। इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन और कृषि विभाग को मिलकर कार्य करना होगा ताकि किसानों को राहत मिल सके और फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।
