Haryana News: फरीदाबाद RTO मनीष सहगल ने बताया कि बल्लभगढ़, फरीदाबाद और बरखा SDM कार्यालयों से मिले आंकड़ों के अनुसार करीब 5 लाख पुराने वाहनों की पहचान हो चुकी है। इनमें सरकारी और गैर-सरकारी दोनों तरह के वाहन शामिल हैं। 1 नवंबर के बाद इन वाहनों को न तो डीजल मिलेगा और न ही पेट्रोल। इसका मतलब ये है कि अब इन गाड़ियों का इस्तेमाल सड़क पर करना पूरी तरह अवैध हो जाएगा।
इस बार प्रशासन ने पूरी पारदर्शिता के साथ कदम उठाया है। RTO ने साफ किया कि कार्रवाई से सरकारी गाड़ियां भी अछूती नहीं रहेंगी। बल्लभगढ़ और फरीदाबाद SDM कार्यालयों की कुल 6 गाड़ियां जिनमें दो बल्लभगढ़ और चार फरीदाबाद से हैं, उन्हें भी बंद किया जाएगा। इससे यह स्पष्ट है कि नियम सभी के लिए एक समान लागू होंगे।
RTO मनीष सहगल ने कहा है कि अगर 1 नवंबर के बाद कोई भी प्रतिबंधित वाहन सड़कों पर दिखाई देता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे वाहनों को सीज करने से लेकर जुर्माना लगाने तक के प्रावधान लागू होंगे। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि फरीदाबाद की बिगड़ती वायु गुणवत्ता को सुधारा जा सके और शहर को प्रदूषण से राहत मिल सके।
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प्रशासन का मानना है कि पुराने वाहनों से निकलने वाला धुआं फरीदाबाद की हवा को जहरीला बना रहा है। इसलिए अब यह जरूरी हो गया था कि पुराने वाहनों पर रोक लगाई जाए। दिल्ली एयर क्वालिटी कमीशन के दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है ताकि शहरवासियों को एक साफ और स्वच्छ हवा मिल सके।

