सोमवार, 26 अक्टूबर 2026

Haryana News: हरियाणा कॉलेज एडमिशन 2025-26 में नया नियम! एंटी रैगिंग हलफनामा अनिवार्य

Written by: सुनील कुमार

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Haryana News: हरियाणा उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कॉलेजों में दाखिले को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब हर विद्यार्थी को एडमिशन से पहले एंटी रैगिंग हलफनामा देना…


Haryana News: हरियाणा कॉलेज एडमिशन 2025-26 में नया नियम! एंटी रैगिंग हलफनामा अनिवार्य
Haryana News: हरियाणा कॉलेज एडमिशन 2025-26 में नया नियम! एंटी रैगिंग हलफनामा अनिवार्य
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Haryana News: हरियाणा उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कॉलेजों में दाखिले को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब हर विद्यार्थी को एडमिशन से पहले एंटी रैगिंग हलफनामा देना अनिवार्य होगा। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट और यूजीसी के सख्त दिशा-निर्देशों के तहत लिया गया है ताकि रैगिंग जैसी घटनाओं को पूरी तरह खत्म किया जा सके। हलफनामा न देने वाले विद्यार्थियों को पीजी पाठ्यक्रमों में दाखिला नहीं मिलेगा।

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विद्यार्थियों को www.antiragging.in पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। उसके बाद उस हलफनामे को डाउनलोड करके अपने एडमिशन पोर्टल पर लॉगिन कर अपलोड करना होगा। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की गई है ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। यदि किसी छात्र को सहायता की आवश्यकता हो तो वे हेल्पलाइन नंबर 1800-180-2133 या admissions@highereduhry.ac.in पर संपर्क कर सकते हैं।

फीस भुगतान भी पूरी तरह ऑनलाइन होगा

सरकारी कॉलेजों में अब सालाना फीस केवल एक किस्त में ऑनलाइन माध्यम से ली जाएगी। वहीं, सहायता प्राप्त और स्वयं वित्तपोषित कॉलेजों में छात्र ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी माध्यम से फीस जमा कर सकते हैं। इन कॉलेजों में किस्तों में भुगतान की सुविधा भी दी गई है। इस व्यवस्था से छात्रों को आर्थिक लचीलापन मिलेगा।

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परिवार पहचान पत्र और आय सत्यापन अनिवार्य

हरियाणा के छात्रों को कॉलेजों में दाखिले के लिए अब परिवार पहचान पत्र यानी पीपीपी अनिवार्य रूप से देना होगा। छात्रों की पारिवारिक आय इसी से सत्यापित की जाएगी। यदि किसी भी स्तर पर जानकारी में गड़बड़ी पाई जाती है तो कॉलेज प्रशासन को यह अधिकार होगा कि वह प्रवेश को रद्द कर दे या विषय में बदलाव कर दे।

पीजी पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए योग्यता संबंधित विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार तय की जाएगी। कॉलेज के प्राचार्य को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी अपात्र छात्र को प्रवेश न मिले। इसके अलावा पिछले सत्र में लागू की गई अन्य सभी प्रवेश दिशा-निर्देश भी इस बार पूरी तरह लागू रहेंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने यह कदम शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और अनुशासित बनाने के उद्देश्य से उठाया है।

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सुनील कुमार
About the Author सुनील कुमार

सुनील कुमार (Best E News) हरियाणा की क्षेत्रीय खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वे सामाजिक, प्रशासनिक और स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। उनकी प्राथमिकता क्षेत्र की महत्वपूर्ण घटनाओं, जनसमस्याओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को पाठकों तक पहुंचाना है। View all posts by सुनील कुमार →

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