
यमुनानगर। पीआर धान की खरीद और उठान में देरी से हरियाणा की मंडियों में किसानों की परेशानी बढ़ गई है। मंडियों में करीब 22 लाख क्विंटल धान पड़ा होने और खरीद की रफ्तार धीमी हो रही है। इसी को लेकर किसान विरोध प्रदर्शन के लिए हाईवे पर उतर आए। यमुनानगर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने धान खरीद की व्यवस्था में सुधार, गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल करने और किसानों से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर पंचकूला-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर जाम लगाया। हाइवे जाम करने ही प्रशासन की नींद उड गई। आनन फानन ने किसानो के लिए धान की खरीद शुरू कर दी।
करीब आधे घंटे रहा हाईवे बंद: महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, प्रदेशाध्यक्ष रतनमान और जिला प्रधान सुभाष गुर्जर सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।किसान चाहते थे कि जिला प्रशासन का कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याएं सुने और ज्ञापन ले। करीब 30 मिनट तक जगाधरी के एसडीएम विश्वनाथ और डीएसपी सुनील कुमार किसानों के बीच बैठे। किसान जिला उपायुक्त को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। अधिकारियों ने बताया कि डीसी जिले से बाहर हैं। इसके बाद किसानों को उनकी स्थानीय समस्याओं का समाधान कराने और अन्य मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया गया।
किसान यूनियन ने दिया अल्टीमेटम: राकेश टिकैत ने प्रशासन को एक सप्ताह का समय देते हुए कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आगे बड़े आंदोलन का फैसला लिया जाएगा। महापंचायत में धान की खरीद में आ रही दिक्कतों के साथ धान में नमी की निर्धारित सीमा बढ़ाने, गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल करने, किसानों के कर्ज और अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
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कई जगह हुआ किसानों का प्रदर्शन: हरियाणा में मांगो को लेकर किसानो का कई जगह प्रदर्शन हुआ। टिकैत ने कहा कि किसानों को फसल की बिजाई से लेकर मंडी में बेचने तक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हरियाणा के यमुनानगर के अलावा कुरुक्षेत्र के पिहोवा, करनाल के असंध और घरौंडा तथा अंबाला में भी किसानों ने प्रदर्शन किया।
