
धारूहेड़ा: भले ही सीआइए रेवाड़ी टीम ने धारूहेड़ा में बडी मात्रा अवैध तेल जब्त कर लिया हो लेकिन तेल माफिया को अंकुश लगाना पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। तेल माफिया (Oil Mafia) पर अंकुश लगाना प्रशासन और सरकार के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। भारत के कई राज्यों में तेल की चोरी, मिलावट और अवैध तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क काम करता है, जो न केवल सरकारी राजस्व को चंपत लगाता है बल्कि पर्यावरण और आम जनता के वाहनों को भी भारी नुकसान पहुंचाता है।
2200 लीटर अवैध पेट्रोल और थिनर जब्त: बता दे कि दिल्ली-जयपुर हाईवे पर गांव खिजूरी के समीप छापा मारकर सीआईए टीम ने करीब 2200 लीटर अवैध पेट्रोल और थिनर जब्त किया। इतना ही नहीं मौके से तेल से भरे 11 ड्रम और पांच खाली ड्रम बरामद हुए। पुलिस ने दो पिकअप गाड़ियां, दो मोटर और कुछ पाइप भी कब्जे में लिए। तेल के अवैध कारोबार के खिलाफ दो माह में पुलिस की यह पांचवीं कार्रवाई है। हालाकि इस गिरोह से जुडे पुलिस की गिरफ्त ये बाहर है।
राजस्थान से जुडे है तार: बता दे कि करनावास स्थित तेल डिपो से निकलने वाले टैंकरों के चालकों से सांठगांठ कर तेल निकालने के अवैध कारोबार धडल्ले से जारी है। तेल माफिया टैंकरों से पेट्रोल और डीजल निकालकर आसपास के राजस्थान क्षेत्र में बेचते हैं। सबसे अहम बात ये धंधा तेजी से पनपता जा रहा है यानि तेल की कालाबाजारी जारी है।
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मामला दर्ज कर जांच जारी: क्राइम ब्रांच प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि टीम को पिछले कई दिनों से सूचना मिल रही थी हाईवे पर गांव खिजूरी के पास हाईवे पर टैंकरों से तेल निकालकर बेचने का अवैध काम हो रहा है। टीम गठित कर छापा मारा गया। लेकिन आरोपित मौके से फरार हो गए। पुलिस ने बरामद सामान कब्जे में लेकर मामला दर्ज किया है और आरोपितों की तलाश की जा रही है।
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